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बलरामपुर पुलिस का वफादार ‘सिपाही’ बकरा, 13 साल से निभा रहा है ड्यूटी

 

पशुओं की वफादारी के कई मामले अक्सर सुनने में आते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से सामने आया यह मामला बेहद अनोखा और दिल को छू लेने वाला है। बलरामपुर पुलिस स्टेशन में एक बकरा पिछले 13 सालों से बिना वेतन और किसी पुरस्कार के ड्यूटी निभा रहा है। यह बकरा न केवल थाने के लिए एक खास साथी बन गया है, बल्कि पुलिसकर्मियों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बन चुका है।

स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह बकरा थाने में आने वाले हर अधिकारी और कर्मचारी के साथ गहरा रिश्ता बना चुका है। यह परेड के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ खड़ा रहता है, गश्ती में उनके साथ जाता है और हर अवसर पर थाने के कामकाज में सहयोग करता है। यही वजह है कि इसे थाने का सबसे वफादार जवान कहा जाता है।

पुलिसकर्मी बताते हैं कि बकरा हमेशा समय पर थाने में मौजूद रहता है। जब भी कोई खास कार्य या गश्ती होती है, यह बिना किसी आदेश के अपनी ड्यूटी निभाने के लिए तैयार रहता है। इसके अलावा, यह अपने व्यवहार से माहौल को खुशमिजाज बनाता है और जवानों के बीच तनाव कम करने में भी मदद करता है। इसकी इस निस्वार्थ सेवा को देखकर हर कोई हैरान रह जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बकरे की वफादारी ने पुलिस स्टेशन की छवि को भी बदल दिया है। आम लोग अब इसे देखकर थाने में आने लगते हैं और बच्चों के लिए यह बकरा एक आकर्षण बन गया है। लोग इसे देखकर कहते हैं कि बकरा भी इंसानों की तरह जिम्मेदारी और निष्ठा दिखा सकता है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस बकरे की देखभाल का पूरा जिम्मा थाने के कर्मचारियों पर है। यह बकरा कभी भी ड्यूटी से नहीं भागता और हमेशा अपने वरिष्ठों के आदेशों का पालन करता है। इसकी सेवा की वजह से थाने में एक अनोखा उत्साह और अनुशासन देखने को मिलता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जानवरों की वफादारी और समझदारी कई बार इंसानों को भी मात देती है। यह बकरा इसका जीता-जागता उदाहरण है। पिछले 13 सालों से यह थाने में हर मौसम और परिस्थिति में अपने काम को निभा रहा है। इसे देखकर यह बात साफ हो जाती है कि निष्ठा और वफादारी सिर्फ इंसानों का गुण नहीं है, बल्कि जानवर भी इसे पूरी तरह दिखा सकते हैं।

बलरामपुर पुलिस स्टेशन का यह वफादार बकरा सोशल मीडिया और स्थानीय खबरों में भी चर्चा का विषय बन चुका है। लोग इसके योगदान की सराहना कर रहे हैं और इसे “थाने का सबसे वफादार जवान” कहकर सम्मानित कर रहे हैं। यह मामला यह संदेश भी देता है कि निस्वार्थ सेवा और वफादारी किसी भी रूप में सम्मान की पात्र होती है, चाहे वह इंसान हो या जानवर।

बलरामपुर के इस बकरे ने साबित कर दिया है कि वफादारी और जिम्मेदारी किसी जीव के लिए भी गर्व का विषय हो सकती है। यह न केवल पुलिसकर्मियों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।