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बलौदाबाजार में खटियापाटी हत्याकांड पर बवाल, काउंटर केस के विरोध में पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव

 

बलौदाबाजार, 24 जनवरी (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं के बीच खटियापाटी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस द्वारा काउंटर केस के तहत की गई ताजा कार्रवाई के बाद जिले का माहौल गरमा गया है।

बड़ी संख्या में पुरानी बस्ती क्षेत्र के लोग पुलिस पर निर्दोषों को फंसाने और मूल हत्या मामले को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए सड़क पर उतर आए। शनिवार को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक लोगों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता को लेकर भी बहस छेड़ दी है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि काउंटर केस की आड़ में निर्दोष लोगों को हिरासत में लेकर मामले को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। विरोध के दौरान जमकर नारेबाजी हुई और अंत में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

खटियापाटी गांव में 17 अक्टूबर 2025 की रात हुई हत्या की घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया था। जानकारी के अनुसार, गांव के पंचायत भवन के सामने दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। इस दौरान 21 वर्षीय युवक हरीश शायर उर्फ भका पर हमला कर दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले हरीश को मुक्कों से पीटा और फिर पेट में कई बार चाकू घोंप दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले में दीप कुर्रे (18 वर्ष) और साहिल शायर (18 वर्ष) भी गंभीर रूप से घायल हुए। दीप की हालत गंभीर होने पर उसे रायपुर के मेकाहारा अस्पताल रेफर किया गया था, जबकि साहिल का इलाज जिला अस्पताल में चला।

पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की वजह पुरानी रंजिश थी। इस मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की निगरानी में कार्रवाई करते हुए कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। घटना के दूसरे ही दिन 2 आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया था, जबकि बाद में 5 फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। पुलिस का दावा था कि मुख्य हत्या के मामले में पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए हैं और विवेचना विधि-सम्मत तरीके से आगे बढ़ रही है।

मामले ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया, जब आरोपी पक्ष की ओर से एक काउंटर केस दर्ज कराया गया। इसी काउंटर केस में पुलिस द्वारा पुरानी बस्ती के कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद विरोध शुरू हो गया। पार्षद गौतम चौहान और मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर पीड़ित पक्ष के परिवार और उनके करीबियों को आरोपी बनाकर मामले को कमजोर करना चाहती है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिन लोगों को उठाया गया, वे घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे, बल्कि उन्होंने तो घटना की सूचना पुलिस को दी थी। इसके बावजूद उन्हें गंभीर धाराओं में फंसाया जा रहा है।

मृतक हरीश शायर के भाई साहिल शायर ने घटना को याद करते हुए कहा था, “मेरा भाई गांव लौट रहा था, तभी रास्ते में कुछ युवकों से विवाद हुआ। उसने फोन कर मुझे बुलाया। जब मैं पहुंचा तो पंचायत भवन के पास करीब 30-35 लड़के उसे घेरकर मार रहे थे। किसी ने चाकू मारा और सब भाग गए। मैंने और दीप ने किसी तरह भागकर जान बचाई।”

इसके बावजूद आरोपी पक्ष जो जेल में बंद है, उसकी रिपोर्ट पर मृतक हरीश शायर के भाई साहिल शायर और उसके दोनों भाइयों को ही आरोपी बना दिया गया है। इस बयान के बाद भी काउंटर केस में मृतक पक्ष से जुड़े लोगों पर कार्रवाई किए जाने से आक्रोश और बढ़ गया।

धरना-प्रदर्शन के दौरान पार्षद लोकेश कुमार चेलक और गौतम चौहान ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 24 जनवरी की सुबह करीब 6 बजे बिना किसी वारंट के घरों में घुसकर लोगों को उठाया गया। परिजनों को घंटों तक यह भी नहीं बताया गया कि उन्हें क्यों और कहां ले जाया गया है। पार्षदों का कहना है कि वे जनप्रतिनिधि होने के नाते हमेशा पुलिस प्रशासन के सहयोग में खड़े रहते हैं, इसके बावजूद उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया। इस तरह की कार्रवाई को उन्होंने दुर्भावनापूर्ण और मनमानी बताया।

धरना स्थल पर कई महिलाएं भी मौजूद थीं, जिनका दर्द साफ झलक रहा था। पूनम शायर ने बताया कि उनके पति को बिना किसी सूचना के पुलिस उठा ले गई। जीत मनहरे ने कहा कि उनके बेटे नवीन को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि वह घटना में शामिल नहीं था। उस दिन वह मार्केट में था। लक्ष्मी शायर ने कहा कि उनके बेटे हरीश की 17 अक्टूबर को चाकूबाजी में मौत हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके ही दोनों सगे बेटों को बिना जानकारी दिए गिरफ्तार कर लिया, जिससे पूरा परिवार टूट गया है।

पार्षद लोकेश कुमार चेलक द्वारा पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि काउंटर केस में नामजद आरोपियों के अलावा उन लोगों को भी आरोपी बनाया जा रहा है जो घटना के समय वहां मौजूद नहीं थे। ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि निर्दोष लोगों को इस मामले से बाहर रखा जाए और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

इस पूरे मामले पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने कहा कि पुलिस कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि काउंटर केस में जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनके खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है। मामले की जांच जारी है और किसी भी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी