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बाल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम, आरबीएसके 2.0 दिशानिर्देश जारी

 

नई दिल्ली, 3 मई (आईएएनएस)। देश में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने हाल ही में संपन्न सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा वितरण में बेहतर प्रथाओं और नवाचारों पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) 2.0 दिशानिर्देश जारी किए हैं।

आरबीएसके 2.0 दिशानिर्देश भारत के प्रमुख बाल स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक हैं, जो एक दशक से अधिक के कार्यान्वयन पर आधारित हैं और उभरती बाल स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को संबोधित करने के लिए इसके दायरे का विस्तार करते हैं। नवीनतम ढांचा स्थापित फोर डी दृष्टिकोण-जन्मजात दोष, रोग, कमियां और विकासात्मक विलंब—को सुदृढ़ और व्यापक बनाता है। इसके साथ ही गैर-संक्रामक रोगों, मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों और व्यवहार संबंधी चिंताओं सहित नई पीढ़ी की स्वास्थ्य चुनौतियों को भी शामिल करता है।

संशोधित दिशानिर्देश देखभाल की एक व्यापक निवारक, प्रोत्साहक और उपचारात्मक निरंतरता प्रस्तुत करते हैं, जो जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों को कवर करने वाले कार्यक्रम के मौजूदा जीवनचक्र आधारित दृष्टिकोण को सुदृढ़ करते हैं, जिसमें डिजिटलीकरण पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है। यह बदलाव भारत की विकसित होती बाल स्वास्थ्य आवश्यकताओं और न केवल जीवित रहने बल्कि समग्र विकास और वृद्धि सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

आरबीएसके 2.0 की एक प्रमुख विशेषता स्क्रीनिंग के विस्तारित दायरे का होना है, जिसमें विकासात्मक विकार, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं और मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों के जोखिम कारकों सहित कई तरह की स्थितियां शामिल हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में मोबाइल स्वास्थ्य टीमों के माध्यम से स्क्रीनिंग सेवाएं जारी रहेंगी, जिससे सार्वभौमिक पहुंच और शीघ्र पहचान सुनिश्चित हो सकेगी।

दिशा-निर्देशों में रेफरल संबंधों को मजबूत करने और देखभाल की निरंतरता पर जोर दिया गया है, जिसमें सामुदायिक स्तर की स्क्रीनिंग से लेकर स्वास्थ्य सुविधा-आधारित निदान और उपचार तक के स्पष्ट रूप से परिभाषित मार्ग शामिल हैं। एक सुदृढ़ रेफरल ट्रैकिंग प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित बच्चों को संपूर्ण देखभाल प्रक्रिया के दौरान ट्रैक किया जाए, जिससे उपचार बीच में छोड़ने वाले बच्चों की संख्या कम हो और समय पर हस्तक्षेप सुनिश्चित हो सके।

सरकार के डिजिटल स्वास्थ्य पर केंद्रित दृष्टिकोण के अनुरूप आरबीएसके 2.0 डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड, रीयल-टाइम डेटा सिस्टम और ट्रैकिंग, निगरानी और सेवा वितरण के लिए एकीकृत प्लेटफॉर्म पेश करता है। इन डिजिटल नवाचारों से कार्यक्रम की दक्षता, जवाबदेही और कार्यान्वयन के सभी स्तरों पर साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में सुधार होने की उम्मीद है।

दिशा-निर्देश बहु-क्षेत्रीय समन्वय को बढ़ावा देते हैं, जो व्यापक और समन्वित सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास प्रणालियों को एक साथ लाते हैं। स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक प्लेटफॉर्म स्क्रीनिंग, जागरूकता और अनुवर्ती देखभाल के लिए प्रमुख संपर्क बिंदु के रूप में कार्य करते हैं।

प्रारंभिक पहचान को मजबूत करके, रेफरल प्रणालियों में सुधार करके और निरंतर अनुवर्ती कार्रवाई सुनिश्चित करके, आरबीएसके 2.0 से बाल स्वास्थ्य परिणामों में उल्लेखनीय वृद्धि होने, बीमारियों का बोझ कम होने और देशभर के बच्चों के समग्र कल्याण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

आरबीएसके 2.0 दिशानिर्देशों का प्रकाशन प्रत्येक बच्चे के लिए सुलभ, समान और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें प्रारंभिक हस्तक्षेप, देखभाल की निरंतरता और दीर्घकालिक स्वास्थ्य परिणामों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

--आईएएनएस

ओपी/वीसी