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बाढ़ राहत में लापरवाही पर नजर, प्रभावितों से सीधे संवाद कर राहत आयुक्त ने परखी व्यवस्थाएं

 

लखनऊ, 21 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों की जमीनी स्थिति परखने के लिए राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शुक्रवार को फर्रूखाबाद, बलिया और बहराइच में राहत शिविरों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों से जानकारी लेने के साथ ही बाढ़ प्रभावितों से सीधे संवाद कर भोजन, पानी, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानी। उन्होंने महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों के लिए जरूरत के अनुसार अतिरिक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राहत आयुक्त ने तीनों जिलों के राहत शिविरों में साफ-सफाई, भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाओं और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का लाइव निरीक्षण किया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में किसी भी आवश्यक सुविधा के लिए परेशानी न हो और व्यवस्थाएं लगातार उपलब्ध रहें। फर्रूखाबाद के रहमानिया इंटर कॉलेज स्थित राहत शिविर में राहत आयुक्त ने बाढ़ प्रभावित अब्दुल गफ्फार खान से बातचीत की।

अब्दुल गफ्फार ने बताया कि वह अपने परिवार के छह सदस्यों के साथ एक अगस्त से राहत शिविर में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिविर में भोजन, पानी, साफ-सफाई और दवाओं समेत सभी आवश्यक सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जा रही हैं। बहराइच में राहत आयुक्त ने उप जिलाधिकारी मोनालिसा जौहरी से कम्पोजिट विद्यालय आनंद नगर बरखड़िया, मिहींपुरवा स्थित राहत शिविर की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने बाढ़ प्रभावित शिवकुमार निषाद से संवाद किया।

शिवकुमार ने बताया कि शिविर में चारपाई, गद्दे, नाश्ता और भोजन समेत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जलस्तर कम होने के बाद प्रभावित परिवार धीरे-धीरे अपने घरों को लौट रहे हैं। प्रशासन की ओर से लौटने वाले परिवारों को राशन किट और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। बलिया में राहत आयुक्त ने बैरिया के गोपाल नगर टांडी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्थित राहत शिविर की व्यवस्थाओं की जानकारी उप जिलाधिकारी, बैरिया से ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने बाढ़ प्रभावित पप्पू यादव से भी सीधे संवाद किया। पप्पू यादव ने बताया कि शिविर में तीनों समय भोजन, स्वच्छ पानी, साफ-सफाई और दवाओं की व्यवस्था की गई है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। राहत आयुक्त ने तीनों जनपदों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में साफ-सफाई, भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावितों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों की जरूरतों पर ध्यान देने तथा आवश्यकता के अनुसार उनके लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि जलस्तर कम होने के बाद घर लौट रहे प्रभावित परिवारों को भी आवश्यक राहत सामग्री और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

--आईएएनएस

विकेटी/एमएस