अयोध्या से होगा राजनीतिक बदलाव, 2027 में यूपी में सपा सरकार बनाएगी: सांसद अवधेश प्रसाद
चेन्नई, 26 जून (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और सांसद अवधेश प्रसाद ने चेन्नई में विभिन्न मुद्दों पर अपनी पार्टी का पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर चंदा विवाद, आपातकाल की 51वीं बरसी, इंडिया गठबंधन की स्थिति, उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव और तमिलनाडु की राजनीति पर अपनी बेबाक राय रखी।
राम मंदिर में चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर अवधेश प्रसाद ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अयोध्या भगवान श्रीराम की पवित्र नगरी है और वहां श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए करोड़ों रुपए, सोना, चांदी और जमीन से जुड़े मामलों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं। वह अयोध्या जिले की 54वीं लोकसभा सीट से भगवान राम, भगवान हनुमान, माता सरयू के आशीर्वाद, क्षेत्र की जनता के समर्थन और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के मार्गदर्शन से निर्वाचित हुए हैं। ऐसे में अयोध्या से जुड़े इस मुद्दे को केवल उत्तर प्रदेश का नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था से जुड़ा विषय बताया।
सपा सांसद ने कहा कि मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत गठित किसी स्वतंत्र समिति से कराई जानी चाहिए थी। उनका आरोप था कि यदि निष्पक्ष जांच होती तो श्रद्धालुओं के चढ़ावे में हुई कथित अनियमितताओं का खुलासा हो सकता था और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होती। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जांच टीम में शामिल अधिकारी सरकार के अधीन काम करते हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि देश के राष्ट्रपति से लेकर आम मजदूर तक रामलला के दरबार में श्रद्धा के साथ चढ़ावा चढ़ाते हैं और उसी आस्था के साथ कथित तौर पर खिलवाड़ किया गया है।
1975 में लगाए गए आपातकाल की 51वीं बरसी के अवसर पर अवधेश प्रसाद ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उस समय उन्हें भी गिरफ्तार किया गया था और फैजाबाद तथा लखनऊ की जेलों में रखा गया था। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए थे और मीडिया की स्वतंत्रता भी प्रभावित हुई थी। उस दौर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को सही जानकारी पाने के लिए विदेशी प्रसारणों, विशेषकर लंदन से आने वाली खबरों पर निर्भर रहना पड़ता था। केंद्र सरकारों पर भी हमला बोलते हुए, उन्होंने कहा कि आज देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति है। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, जुलूस और विरोध-प्रदर्शन करने में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले लोगों को स्वतंत्रता सेनानियों जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने ऐसे लोगों को सम्मान और आर्थिक सहायता देने का काम किया था। अवधेश प्रसाद ने बताया कि उन्होंने संसद में मांग उठाई थी कि आपातकाल के दौरान जेल गए लोगों को प्रतिमाह 50 हजार रुपए की सहायता दी जाए और उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों जैसा दर्जा मिले, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।
इंडिया गठबंधन से डीएमके की कथित दूरी को लेकर पूछे गए सवाल पर सपा सांसद ने किसी भी तरह की दरार की संभावना से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन कई महत्वपूर्ण मुद्दों और उद्देश्यों को लेकर बनाया गया था और जब तक उन मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता, गठबंधन मजबूत बना रहेगा।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अवधेश प्रसाद ने बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रति लोगों का विश्वास तेजी से कम हुआ है जबकि अखिलेश यादव के नेतृत्व पर जनता का भरोसा बढ़ा है। सपा सांसद ने दावा किया कि 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी 300 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाएगी और भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। जिस अयोध्या ने देश की राजनीति की दिशा तय की थी, वही अयोध्या भविष्य में राजनीतिक परिवर्तन का केंद्र भी बनेगी। 2027 में उत्तर प्रदेश से राजनीतिक बदलाव की शुरुआत होगी।
तमिलनाडु की नई सरकार को लेकर पूछे गए सवाल पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि नई सरकार ने जनता के हित में काम करना शुरू कर दिया है। सरकार अभी नई है और कुछ महीने बाद उसके प्रदर्शन के आधार पर बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
--आईएएनएस
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