अयोध्या: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 19 मार्च को राम मंदिर के तीसरे तल का उद्घाटन करेंगी
अयोध्या, 7 मार्च (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 19 मार्च को अयोध्या में राम मंदिर के तीसरे तल का उद्घाटन करेंगी। इस दौरान एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसको लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर पूजा-अर्चना और अनुष्ठान करेंगी।
यह उद्घाटन समारोह इसलिए भी खास है क्योंकि 19 मार्च को ही हिंदू नववर्ष, यानी 'वर्ष प्रतिपदा' (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा), की शुरुआत हो रही है। इस पावन पर्व पर अयोध्या नगरी राममय हो जाएगी। ट्रस्ट के अनुसार, इस शुभ अवसर पर मंदिर प्रांगण में विशेष वैदिक अनुष्ठानों के साथ पवित्र राम यंत्र और राम पट्टी की विधिवत स्थापना की जाएगी।
पिछले महीने श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया था कि 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अयोध्या आएंगी और लगभग चार घंटे मंदिर परिसर में बिताएंगी। इस दौरान राष्ट्रपति मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले करीब 400 श्रमिकों को सम्मानित करेंगी।
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया, "हुतात्मा स्मारक और अस्थायी रामलला मंदिर को स्थायी स्मारक के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन निर्माण कार्यों को अप्रैल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।" उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर के ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित करते हुए उन्हें श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणास्थल बनाया जाएगा।
राम कथा संग्रहालय की प्रगति पर जानकारी देते हुए मिश्रा ने बताया कि संग्रहालय में 20 गैलरी बनाई जा रही हैं। इनमें अत्याधुनिक 3डी हनुमान गैलरी भी शामिल होगी, जहां श्रद्धालु 12 मिनट तक 3डी तकनीक के माध्यम से राम कथा के प्रसंग देख सकेंगे।
उन्होंने कहा कि संग्रहालय के कंटेंट की स्क्रिप्ट तैयार की जा रही है और सितंबर के बाद सीमित आधार पर आम श्रद्धालुओं के लिए इसे खोला जा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि 19 मार्च को राष्ट्रपति के दौरे के बाद श्रद्धालुओं को पास सिस्टम के जरिए मंदिर परिसर के विभिन्न हिस्सों में प्रवेश दिया जाएगा। निर्माण कार्यों की गति और सुविधाओं के विस्तार को देखते हुए आने वाले महीनों में श्रद्धालुओं के अनुभव को और बेहतर बनाने की योजना है।
मंदिरों का निर्माण कार्य पूरा होने पर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ध्वजारोहण उत्सव मनाया था। अब ट्रस्ट मंदिर निर्माण के शिल्पियों व श्रमदान करने वाले कर्मयोगियों को सम्मानित करेगा। ट्रस्ट की तरफ से इन शिल्पियों और कर्मयोगियों की संख्या 400 तय की गई है। हालांकि यह संख्या बढ़ भी सकती है।
--आईएएनएस
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