अयोध्या में इंटरनेशनल राम कथा म्यूजियम का काम तेज, 20 गैलरियों के लिए टेंडर 10 अक्टूबर से : नृपेंद्र मिश्रा
अयोध्या, 15 सितंबर (आईएएनएस)। श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने मंगलवार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर होनी वाली बैठक और अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय, नए सीईओ जीतेंद्र मिश्रा के बारे में मीडिया से बात की।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा है कि आज म्यूज़ियम पर भी चर्चा होगी। म्यूज़ियम का सबसे बड़ा काम अब शुरू होने वाला है। हर गैलरी के लिए 10 अक्टूबर से टेंडर जारी किए जाएंगे। कुल 20 गैलरी हैं, गैलरी 1, गैलरी 2, वगैरह। हर गैलरी की थीम तय हो चुकी है और कहानी (स्टोरीलाइन) भी फाइनल हो गई है।
उन्होंने कहा कि हमारे डायरेक्टर संजीव कुमार सिंह ने पूरी कहानी तैयार करने में बहुत मेहनत की है। इसके आधार पर अब इमर्सिव टेक्नोलॉजी, 3डी टेक्नोलॉजी और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल करके वीडियो बनाए जाएंगे। टेक्नोलॉजी के लिए टेंडर, जिसमें ज़रूरी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर शामिल हैं, 10 अक्टूबर तक जारी होने की उम्मीद है। टेंडर अक्टूबर के आखिर तक फाइनल होने की संभावना है, जिसके बाद गैलरी को पूरा करने में लगभग छह महीने लगेंगे।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि अयोध्या में विकास तो जरूर होगा। राज्य सरकार विकास का काम कर रही है और दूसरी एजेंसियां भी इसमें योगदान दे रही हैं। जहां तक मंदिर परिसर की बात है, तो ट्रस्ट अब तय करेगा कि किस तरह का निर्माण किया जाना है। हालांकि, मेरा मानना है कि ये फैसले पूरी तरह से भक्तों की ज़रूरतों और सुविधा पर आधारित होंगे।
उन्होंने कहा कि अब हमारा मुख्य ध्यान इंटरनेशनल राम कथा म्यूजियम पर है। मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका है। मंदिर परिसर के अंदर और बाहर एक ऑडिटोरियम है, जिसका निर्माण अभी चल रहा है। इसके निर्माण में लगभग तीन से चार महीने की देरी हुई है। हालांकि, हमें उम्मीद है कि यह जनवरी या फरवरी तक जरूर पूरा हो जाएगा।
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि अयोध्या में विकास तो होगा ही, राज्य सरकार विकास कार्य कर रही है और अन्य एजेंसियां भी कार्य कर रही हैं। जहां तक मंदिर परिसर की बात है, तो अब ट्रस्ट तय करेगा कि किस तरह का निर्माण किया जाना है। हालांकि, मेरा मानना है कि ये फैसले पूरी तरह से श्रद्धालुओं की आवश्यकता और सुविधा पर आधारित होंगे।
--आईएएनएस
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