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अयोध्या के संतों ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की मंशा पर उठाए सवाल, पूछा-राम मंदिर के निर्माण के लिए कितना दिया दान

 

अयोध्या, 30 जून (आईएएनएस)। राममंदिर में पूजा-अर्चना करने आए कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को रोके जाने और प्रशासन पर मंदिर जाने से रोकने के आरोपों के बीच अयोध्या के संतों ने कांग्रेस पार्टी की जमकर आलोचना की। जगद्गुरु करपात्री जी महाराज, सीता राम योग सदन के महामंडलेश्वर विष्णु दास, संत शेष मणि शरण और साकेत भवन के महंत सीता राम दास ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

जगद्गुरु करपत्री जी महाराज ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि कांग्रेसियों ने जब श्रीराम को काल्‍पनिक कह दिया है तो किसका दर्शन करने आए हैं। कांग्रेस ने रामसेतु तक के अस्तित्‍व को नकार दिया है। चढ़ावा चोरी का प्रकरण उजागर होने के बाद वह दर्शन करने क्‍यों आए हैं। कांग्रेस ने चढ़ावे और राममंदिर निर्माण में कितना दान कर दिया है?

उन्‍होंने कहा कि पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी अगर चाहती तो श्रीराम मंदिर का निर्माण पहले ही हो गया होता। ये अयोध्‍या में राजनीति करने आए हैं। कांग्रेस पार्टी दंड की अधिकारी है।

साकेत भवन अयोध्या के महंत सीताराम दास ने आईएएनएस से कहा कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की मंशा कालनेमि जैसे थी, जिनकी भावनाएं दूषित थीं। वह सनातनियों को आहत करना चाहते हैं, क्‍योंकि इनके अध्‍यक्ष कहते हैं कि सनातन को मिटाना है। इनके गठबंधन के लोग सनातन को डेंगू बीमारी बताते हैं। आज इन लोगों को भगवान राम याद आ रहे हैं।

उन्‍होंने कहा कि मैं इतना जरूर कहूंगा कि जो भगवान का दर्शन करना चाहते हैं, उसे रोका नहीं जाएगा, लेकिन कालनेमि बनकर आने वालों को दर्शन नहीं करने दिया जाएगा। कांग्रेस नेता अजय राय ने अभी हाल ही में भगवान राम के दर्शन किए थे और दोबारा 15 दिन में कैसे श्रीराम याद आ गए। इन लोगों को राजनीति और सियासत करना है। अगर आप रामजन्‍म भूमि को टारगेट करोगे तो सत्‍यानाश हो जाएगा।

सीताराम दास ने कहा, "मैं निश्चित रूप से यही कहूंगा, भगवान आपको सद्बुद्धि और सही समझ दें। अगर आप सच्चे हैं तो श्री कृष्ण जन्मभूमि के लिए आंदोलन शुरू करें। आप कृष्ण जन्मभूमि के लिए आंदोलन क्यों नहीं करते? संभल के लिए आंदोलन करें।

उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस सिर्फ वोट-बैंक की राजनीति कर रहे हैं। आप टोपी पहनते हैं और दूसरों को भी टोपी पहनाने की बात करते हैं लेकिन टोपी पहनना या दूसरों को पहनाना सनातनियों को स्वीकार्य नहीं है। जो कोई भी टोपी पहनता है या ऐसी राजनीति को बढ़ावा देता है, सनातनी समुदाय उन्हें राजनीतिक रूप से हरा देगा और पूरी तरह खत्म कर देगा।

उन्‍होंने कहा कि श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी की बात करने वाली कांग्रेस पार्टी ने कितना चढ़ावा दिया है। इस पार्टी का 2029 में वहीं अंजाम होगा जो साल 2014 में हुआ था।

अयोध्‍या धाम के मंदिर सीता राम योग सदन के महामंडलेश्वर विष्णु दास ने कहा कि जब चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया तो श्रीराम के अस्तित्‍व पर सवाल उठाने वाले और काल्‍पनिक कहने वाले दर्शन के लिए आए हैं, यह कहीं न कहीं बहुरूपिया भेष में आए हैं। कांग्रेसी राम भक्‍त कब से हो गए। यह पार्टी चाहती थी कि यहां श्रीराम म‍ंदिर को निर्माण न हो, बल्कि बाबरी मस्जिद बने। ऐसे लोगों को अयोध्‍या नहीं आना चाहिए। इन लोगों के आने से धाम की बदनामी होगी। मुझे लगता है कि ऐसे बहुरूपिया आते रहेंगे और सवाल उठाकर गंदी राजनीति करते रहेंगे।

उन्‍होंने कहा कि अयोध्‍या में ऐसे कालन‍ेमियों की जगह नहीं है। इनको सीमा पर रोककर जेल भेज देना चाहिए। राम दरबार में सेवक बनकर आना पड़ेगा। मैं बताना चाहू्ंगा कि पीएम मोदी और सीएम योगी भारत के दो महापुरुष हैं, इनके शासन में देश में खुशहाली है।

अयोध्या के संत शेष मणि शरण ने कहा कि श्रीराम का दरबार सबके लिए खुला है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को इसलिए रोका गया है कि वह मंदिर परिसर में धरना प्रदर्शन और नारेबाजी न करें। श्रीराम राजनीति करने के लिए नहीं हैं। मैं जानना चाहता हूं कि चढ़ावा चोरी प्रकरण से पहले ये लोग कहां थे।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी