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अयोध्या का दीपोत्सव रहा ऐतिहासिक, 30 लाख से अधिक दीयों से जगमगाई रामनगरी: जयवीर सिंह

 

लखनऊ, 8 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम को बेहद सफल और ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। देश-विदेश से लाखों की संख्या में भगवान श्रीराम के भक्त और श्रद्धालु इस उत्सव का हिस्सा बने।

यूपी सरकार में मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में आयोजित दीपोत्सव का यह दसवां संस्करण था। इस बार पिछले सभी नौ संस्करणों के रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया गया।

उन्होंने बताया कि इस अवसर पर रामायण के सातों कांडों की थीम पर आधारित आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। इसके साथ ही प्रदेश सरकार के विकास कार्यों को भी झांकियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिन्हें लोगों ने खूब सराहा।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम के प्रतीकात्मक स्वरूपों का स्वागत और पूजन भी एक विशेष क्षण रहा। इसके बाद 30 लाख से अधिक दीपों को एक साथ प्रज्वलित कर अयोध्या को रोशनी से जगमगा दिया गया। इस आयोजन में हजारों की संख्या में संतों, विद्वानों और ब्राह्मणों ने भी भाग लिया। वहीं, ग्रीन क्रैकर्स, लेजर शो और 3डी मैपिंग प्रोजेक्शन ने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ा दिया।

जयवीर सिंह ने कहा कि उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में दीपोत्सव की सराहना की। उन्होंने कहा कि अपने 40 वर्षों के सामाजिक और राजनीतिक जीवन में उन्होंने इतना भव्य, अद्भुत और अलौकिक कार्यक्रम पहले कभी नहीं देखा। यह आयोजन प्रदेश सरकार और इससे जुड़े सभी लोगों की मेहनत का परिणाम है।

वहीं, अखिलेश यादव द्वारा कारसेवकों को लेकर उठाए जा रहे मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए जयवीर सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी को पहले भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाने और कारसेवकों पर गोली चलवाने की घटना को लेकर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को उन कारसेवकों के परिवारों से माफी मांगनी चाहिए, जिन्होंने उस घटना में अपने प्रियजनों को खोया था।

मंत्री ने दीपोत्सव की सफलता पर देशवासियों को बधाई देते हुए कामना की कि भगवान श्रीराम की कृपा सभी पर बनी रहे और भारत अपनी सनातन संस्कृति, विरासत और विकास के आधार पर विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़े।

--आईएएनएस

एसएके/एएस