Ayodhya Deepotsav 2026: रामनगरी में दिखा अद्भुत नजारा! सीएम योगी ने राम-सीता को पहनाई माला, उपराष्ट्रपति ने किया तिलक; 30 लाख दीपों से जगमगाएगी अयोध्या
रामनगरी अयोध्या में शनिवार, 7 नवंबर को दसवें दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस खास मौके पर पूरी अयोध्या राममय नजर आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दीपोत्सव में शामिल होने के लिए रामनगरी पहुंच चुके हैं। रामकथा पार्क में आयोजित राम राज्याभिषेक समारोह में त्रेतायुग के उस ऐतिहासिक प्रसंग को जीवंत किया जा रहा है, जब 14 साल का वनवास पूरा कर भगवान श्रीराम माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम और सीता का स्वरूप धारण किए कलाकारों का स्वागत किया। इस दौरान उन्हें माला पहनाने और आरती करने का दृश्य आकर्षण का केंद्र बना। वहीं, देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन भी इस बार दीपोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए हैं। रामकथा पार्क में सजे भव्य राम दरबार में उपराष्ट्रपति की ओर से भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राजतिलक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस धार्मिक आयोजन में शामिल हैं।
इस बार दीपोत्सव में एक खास बात यह भी है कि पहली बार देश के उपराष्ट्रपति अयोध्या के इस भव्य आयोजन के साक्षी बन रहे हैं। उपराष्ट्रपति राम मंदिर में दर्शन-पूजन करने के बाद राज्याभिषेक समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई मंत्री, संत और गणमान्य लोग मौजूद हैं।
56 घाटों पर जलेंगे 30 लाख से ज्यादा दीप
इस साल अयोध्या दीपोत्सव को पहले से भी ज्यादा भव्य बनाने की तैयारी की गई है। सरयू नदी के किनारे राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। हजारों स्वयंसेवक कई दिनों से घाटों पर दीप सजाने और उनमें तेल-बाती भरने की तैयारियों में जुटे हैं। शाम होते ही जब एक साथ लाखों दीप प्रज्वलित होंगे, तो सरयू का तट रोशनी से जगमगा उठेगा।
2100 ड्रोन दिखाएंगे आसमान में रामायण के प्रसंग
दीपोत्सव में इस बार तकनीक और परंपरा का अनूठा संगम भी देखने को मिलेगा। आसमान में करीब 2100 स्वदेशी ड्रोन के जरिए रामायण के अलग-अलग प्रसंगों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा लेजर शो, प्रोजेक्शन मैपिंग, ग्रीन आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजन का हिस्सा हैं।
राम मंदिर परिसर में भी जलेंगे एक लाख दीप
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर को भी दीपोत्सव के लिए विशेष रूप से सजाया गया है। यहां करीब एक लाख दीप जलाने की तैयारी है। मंदिर परिसर के 18 मंदिरों को रोशनी से सजाया जाएगा। रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं में भी खास उत्साह दिखाई दे रहा है।
13 राज्यों की झांकियां और कलाकारों की प्रस्तुतियां
दीपोत्सव के दौरान साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक भव्य शोभायात्रा निकाली जा रही है। इसमें रामायण के प्रसंगों पर आधारित झांकियां, पुष्पक विमान, रथ और पारंपरिक वेशभूषा में कलाकार शामिल हैं। देश के अलग-अलग राज्यों के कलाकार लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भारतीय परंपरा की झलक दिखा रहे हैं। विदेशी रामलीला दल भी इस आयोजन में हिस्सा ले रहे हैं।
अयोध्या का यह दसवां दीपोत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपरा का बड़ा उत्सव बन गया है। शाम को सरयू के घाटों पर लाखों दीपों की रोशनी, रामकथा की गूंज और आसमान में ड्रोन शो के साथ रामनगरी एक बार फिर भव्य और यादगार नजारा पेश करने जा रही है।