ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन का कहर: नेपाल के मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा लापता, फुटेज में देंखे 4 पर्वतारोहियों के शव मिले
पाकिस्तान के काराकोरम पर्वत क्षेत्र में हुए भीषण हिमस्खलन ने दुनिया के प्रसिद्ध पर्वतारोहियों में शुमार नेपाल के निर्मल पुर्जा समेत कई लोगों की जिंदगी को संकट में डाल दिया है। 8,051 मीटर ऊंचे ब्रॉड पीक पर चढ़ाई के दौरान एवलांच की चपेट में आने के बाद निर्मल पुर्जा लापता हो गए हैं। इस हादसे में कई अन्य अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहियों के भी लापता होने की खबर है। अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान (ACP) के मुताबिक, यह हादसा ब्रॉड पीक पर करीब 7,000 मीटर की ऊंचाई पर हुआ। बताया जा रहा है कि पर्वतारोहियों की 10 सदस्यीय टीम शिखर की ओर बढ़ रही थी, तभी अचानक आए बर्फीले तूफान और हिमस्खलन ने पूरी टीम को अपनी चपेट में ले लिया।न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, निर्मल पुर्जा के साथ कुल 9 अन्य पर्वतारोही भी अभियान में शामिल थे। हादसे के बाद से कई पर्वतारोहियों का कोई पता नहीं चल पाया है। लापता लोगों में नेपाल के छह पर्वतारोही, जबकि पाकिस्तान, ओमान, अमेरिका और चीन के एक-एक पर्वतारोही शामिल हैं।
चार पर्वतारोहियों के शव बरामद
हादसे के बाद शुरू किए गए बचाव अभियान में अब तक चार पर्वतारोहियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। हालांकि, खराब मौसम, तेज हवाओं और ऊंचाई वाले इलाके की मुश्किल परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में लगातार बाधाएं आ रही हैं। बचाव दल लापता पर्वतारोहियों की तलाश में जुटे हुए हैं।ब्रॉड पीक दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची पर्वत चोटी है और यह पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में स्थित है। इस इलाके में मौसम बेहद तेजी से बदलता है और यहां चढ़ाई करना दुनिया के सबसे कठिन पर्वत अभियानों में माना जाता है।
कौन हैं निर्मल पुर्जा?
नेपाल के निर्मल पुर्जा दुनिया के सबसे चर्चित पर्वतारोहियों में से एक हैं। उन्हें खास तौर पर दुनिया की सभी 14 चोटियों, जिनकी ऊंचाई 8,000 मीटर से अधिक है, को रिकॉर्ड समय में फतह करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने महज सात महीने में 14 ऊंची चोटियों पर चढ़ाई कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था।पुर्जा इससे पहले भी कई खतरनाक पर्वत अभियानों का हिस्सा रह चुके हैं। उनकी बहादुरी और पर्वतारोहण कौशल के कारण उन्हें दुनिया के शीर्ष पर्वतारोहियों में गिना जाता है।
रेस्क्यू ऑपरेशन पर सबकी नजर
फिलहाल बचाव अभियान जारी है और पर्वतारोहियों के परिवारों को राहत की उम्मीद है। पर्वतीय विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी ऊंचाई पर बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि ऑक्सीजन की कमी, अत्यधिक ठंड और खराब मौसम राहत अभियान को मुश्किल बना देते हैं।ब्रॉड पीक हादसे के बाद पर्वतारोहण जगत में चिंता का माहौल है। दुनियाभर के पर्वतारोही निर्मल पुर्जा और अन्य लापता सदस्यों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।