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अवैध निर्माण कराने वालों पर दर्ज होगी एफआईआर, अवैध मजार ध्वस्त: डीसीपी ग्रामीण

 

गाजियाबाद, 14 जून (आईएएनएस)। दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र स्थित ट्रॉनिका सिटी में रविवार को प्रशासन ने ग्रीन बेल्ट की जमीन पर कथित रूप से अवैध रूप से बनी एक मजार को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई को लेकर प्रशासन पहले से ही पूरी तरह सतर्क था और किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

यह कार्रवाई गाजियाबाद के अंतर्गत आने वाले लोनी क्षेत्र के ट्रॉनिका सिटी गेट नंबर-1 के पास की गई। प्रशासन का कहना है कि संबंधित निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की भूमि और ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में अवैध रूप से किया गया था।

यूपीसीडा की ओर से पहले इस भूमि की जांच कराई गई थी, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि यह क्षेत्र ग्रीन बेल्ट और सरकारी संपत्ति के अंतर्गत आता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर निर्माण स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय सीमा के भीतर पालन न होने पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया था। मौके पर पीएसी, आरएएफ और स्थानीय पुलिस सहित करीब 400 से 450 सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। क्षेत्र में प्रवेश और आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी गई ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी स्वयं मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे।

डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि इस अवैध निर्माण को कराने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने और निर्माण कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी कर ली गई और इस दौरान कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं आई। कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी हुई है और सुरक्षा व्यवस्था को फिलहाल एहतियातन बनाए रखा गया था।

लोनी के एसडीएम ने कहा कि ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में किसी भी प्रकार का स्थायी या अस्थायी निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी और औद्योगिक विकास से जुड़ी भूमि पर अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी