ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बानीज ने ट्रंप से ईरान पर हमले का मकसद पूछा, स्पष्टता की मांग
नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। ईरान संघर्ष की वजह से मिडिल ईस्ट में भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है। ईरान अमेरिका और इजरायल के हमलों का जवाब मिडिल ईस्ट में अमेरिकी संपत्ति और बेस को निशाना बनाकर दे रहा है। इससे मिडिल ईस्ट देशों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इन बीच ईरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई के पीछे के रणनीतिक मकसद को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अमेरिकी कांग्रेस के बाद अब ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ कार्रवाई के पीछे का मकसद बताने को कहा है।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने ईरान में युद्ध के मकसद पर राष्ट्रपति ट्रंप से साफ निर्देश की मांग की है। साथ ही उन्होंने तनाव कम करने पर भी जोर दिया है।
अल्बानीज ने कहा, "मैं युद्ध के मकसद के बारे में और सुनिश्चित होना चाहता हूं और मैं तनाव कम होते देखना चाहता हूं।" संयुक्त अरब अमीरात की अपील के बाद उसकी रक्षा में मदद के लिए ऑस्ट्रेलिया ने एयरक्राफ्ट तैनात किए हैं। हालांकि ऑस्ट्रेलिया ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में मदद के लिए नौसेना बल भेजने से इनकार कर दिया है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए दूसरे देशों से युद्धपोत भेजने की अपील की थी। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति को इस मामले में न तो नाटो देशों से कोई मदद मिली न ही यूरोप से।
अमेरिका और इजरायल पर राजनीतिक दबाव बनाने के लिए ईरान पश्चिम एशिया के देशों को निशाना बना रहा है। ताजा मामले में ईरान ने कुवैत पर हमला किया। इस हमले में एक भारतीय की मौत हो गई।
कतर के विदेश मंत्रालय ने कुवैत में एक कैंप, पावर स्टेशन और पानी के खारेपन को कम करने वाले प्लांट को निशाना बनाने वाले ईरान के घिनौने हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कतर की ओर से कहा गया, “विदेश मंत्रालय इस बात पर जोर देता है कि सहयोगी देशों के खिलाफ ईरान के गलत हमलों को रोकने की जरूरत है और इस मामले में, कतर कुवैत के साथ पूरी एकजुटता दिखाता है और अपनी संप्रभुता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उठाए जाने वाले सभी कदमों का समर्थन करता है।”
कुवैती अधिकारियों ने कहा कि देश के बिजली और जल मंत्रालय के अनुसार, बिजली और डीसेलिनेशन फैसिलिटी पर हुए हमले में एक भारतीय मजदूर की मौत हो गई, जिससे साइट पर एक सर्विस बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा।
--आईएएनएस
केके/वीसी