AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के ग्राहकों के डेटा पर साइबर हमले का दावा, आधार-PAN और बैंकिंग रिकॉर्ड लीक होने की आशंका
अगर आपका खाता AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में है, तो आपको सतर्क रहने की जरूरत है। बैंक के ग्राहकों की निजी और वित्तीय जानकारी तक अनधिकृत पहुंच बनाए जाने का दावा सामने आया है। ScarlettGroup नाम के एक हैकिंग ग्रुप ने कथित तौर पर बैंक के ग्राहकों और कंपनी के आंतरिक रिकॉर्ड हासिल करने की बात कही है। इस डेटा में आधार-पैन की जानकारी, KYC दस्तावेज, CIBIL स्कोर, बैंक स्टेटमेंट और लोन से जुड़े रिकॉर्ड शामिल होने का दावा किया गया है।
हैकिंग ग्रुप ने बैंक को छह दिन का समय देते हुए बातचीत की मांग की है। उसका कहना है कि निर्धारित समय में बातचीत नहीं होने पर कथित तौर पर हासिल किया गया डेटा सार्वजनिक किया जा सकता है। हालांकि, अभी तक डेटा लीक की पूरी सीमा स्पष्ट नहीं है और हैकर्स के सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में डेटा लीक का मामला क्या है?
साइबर सिक्योरिटी मॉनिटरिंग अकाउंट H4ckmanac ने 30 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस संभावित साइबर हमले की जानकारी साझा की थी। इसके बाद ScarlettGroup ने एक काउंटडाउन जारी किया और इसे बैंक के साथ बातचीत की अंतिम समय-सीमा बताया।
हैकिंग ग्रुप ने कुछ दस्तावेजों के धुंधले नमूने भी दिखाए हैं। हालांकि, इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता और कितने ग्राहकों का डेटा प्रभावित हुआ है, इसकी अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
बैंक ने मामले पर क्या कहा?
AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने संभावित डेटा ब्रीच की जानकारी मिलने के बाद बताया कि यह मामला उसके Salesforce ऐप से जुड़ा हो सकता है। Salesforce एक सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है, जिसका इस्तेमाल कंपनियां ग्राहकों से जुड़ी जानकारी और अन्य कामकाज के प्रबंधन के लिए करती हैं।
बैंक के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म पर उसके व्हीकल फाइनेंस ग्राहकों से संबंधित सीमित जानकारी उपलब्ध है। बैंक ने यह भी कहा है कि उसके मुख्य बैंकिंग सिस्टम पर इस घटना का कोई असर नहीं पड़ा है और बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं। मामले की जांच की जा रही है।
हैकर्स ने किस तरह की जानकारी हासिल करने का दावा किया?
ScarlettGroup के दावों के मुताबिक, कथित तौर पर कई तरह की संवेदनशील जानकारियां प्रभावित हो सकती हैं।
- निजी जानकारी: आधार नंबर, PAN डिटेल्स और KYC दस्तावेज।
- बैंकिंग रिकॉर्ड: बैंक स्टेटमेंट, CIBIL स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट।
- लोन से जुड़े दस्तावेज: लोन आवेदन, मंजूरी और हस्ताक्षर किए हुए कागजात।
- इंश्योरेंस रिकॉर्ड: ग्राहकों के बीमा दस्तावेज और उनसे जुड़ी अन्य जानकारियां।
- कंपनी का आंतरिक डेटा: कर्मचारियों की डायरेक्टरी, लॉगिन हिस्ट्री और IP एड्रेस।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कितनी जानकारी वास्तव में लीक हुई है और कितने ग्राहक इससे प्रभावित हुए हैं।
AU बैंक के ग्राहक खुद को कैसे सुरक्षित रखें?
डेटा लीक की आशंका के बीच ग्राहकों को अपनी निजी और बैंकिंग जानकारी की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
- अनजान नंबरों से आने वाले कॉल, मैसेज और ईमेल पर बिना जांच भरोसा न करें।
- किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, ATM PIN या नेट बैंकिंग पासवर्ड साझा न करें।
- आधार और PAN की जानकारी अनजान लोगों को न दें।
- बैंक खाते के स्टेटमेंट और ट्रांजैक्शन नियमित रूप से चेक करते रहें।
- बैंक के नाम पर आने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
- खाते में कोई अनधिकृत लेनदेन दिखाई देने पर तुरंत बैंक को सूचित करें।
ध्यान रखें: अभी डेटा लीक से जुड़ी सभी जानकारियों की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए घबराने के बजाय सतर्क रहें और बैंक की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें।