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त्रिपुरा बॉर्डर पर BSF जवानों पर हमला: 3 जवान जख्मी, पुलिस ने 8 तस्करों को पकड़ा; ढाई साल में तीसरी घटना

 

त्रिपुरा में सीमा पर तस्करी रोकने पहुंचे BSF जवानों पर भीड़ ने हमला कर दिया। हमलावरों ने जवानों को घेरकर उनके हथियार छीनने की कोशिश की और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की। घटना में जवानों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है।घटना सोमवार को बॉक्सानगर इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि आशाबाड़ी बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) के पास कुछ तस्कर अवैध सामान ले जाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान BSF की 49वीं बटालियन के जवानों ने उनका पीछा किया और एक संदिग्ध को पकड़ लिया। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान हिफजुर रहमान के रूप में हुई है।

इसी दौरान रहीमपुर कांतामुरा बॉर्डर आउटपोस्ट से BSF के तीन जवान गाड़ी से बॉक्सानगर जा रहे थे। रास्ते में तस्करों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने जवानों के हथियार छीनने की कोशिश की और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की।घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, दैनिक भास्कर इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

घटना से जुड़ी 5 तस्वीरें सामने आईं

वायरल वीडियो और तस्वीरों में एक जवान को भीड़ के बीच घिरा हुआ देखा जा सकता है। कुछ लोग उसे लाठियों से पीटते नजर आ रहे हैं। भीड़ ने जवान को जमीन पर गिराकर उसकी राइफल छीनने की कोशिश की। वीडियो में एक महिला भी जवान पर लाठी से हमला करती दिखाई दे रही है।

घटना के बाद एक व्यक्ति जवान को सुरक्षित स्थान पर ले जाता नजर आया। वहीं, घायल जवानों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान एक जवान के सिर और हाथ पर पट्टी बंधी दिखाई दी।

भीड़ ने BSF की गाड़ी में की तोड़फोड़

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हमलावरों ने BSF की गाड़ी में तोड़फोड़ की और जवानों से हथियार छीनने का प्रयास किया। पुलिस ने इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। कुछ अन्य संदिग्धों को पूछताछ के लिए कलामचौरा थाने भी ले जाया गया है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि BSF जवानों पर हमला करना गलत है और सुरक्षा बलों के खिलाफ इस तरह की हिंसा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।

हमलावरों में बांग्लादेशी नागरिक शामिल होने का दावा

सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों के समूह में कुछ बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल थे। बताया जा रहा है कि ये लोग आशाबाड़ी इलाके में रहकर सीमा पार तस्करी करते थे। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

हमले वाली जगह के सामने स्थित एक मकान में CCTV कैमरा लगा हुआ है। माना जा रहा है कि कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई होगी। पुलिस और BSF ने जांच के लिए CCTV फुटेज जुटाए हैं।

घटना के बाद पुलिस और BSF के वरिष्ठ अधिकारी बॉक्सानगर पहुंचे और मौके का जायजा लिया। फिलहाल बॉक्सानगर पुलिस मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

त्रिपुरा में BSF जवानों पर हमले की पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं

त्रिपुरा में यह पहली घटना नहीं है, जब तस्करी रोकने के दौरान BSF जवानों को भीड़ के हमले का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले भी ऐसी दो घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

  • अप्रैल 2024: दुर्गापुर गांव में तस्करी रोकने पहुंचे BSF जवानों पर भीड़ ने हमला किया था। इस घटना में तीन जवान घायल हुए थे।

  • नवंबर 2025: बिशालगढ़ में संदिग्ध पशु तस्करों को रोकने पर भीड़ ने BSF की गाड़ी में तोड़फोड़ की थी। इस हमले में पांच जवान घायल हुए थे।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने सीमा पर तस्करी रोकने के दौरान सुरक्षा बलों की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। ताजा मामले में पुलिस और BSF की जांच जारी है।