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6 साल की उम्र में 80 साल का रूप! जानिए किस रहस्यमयी बीमारी से जूझ रही है यह मासूम

 

बच्चों में कुछ ऐसी दुर्लभ बीमारियां भी होती हैं, जिनके लक्षण काफी अलग दिखाई दे सकते हैं। ऐसी ही एक दुर्लभ बीमारी Cutis laxa इन दिनों चर्चा में है। सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे कुछ वीडियो में एक छह साल की बच्ची दिखाई दे रही है, जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि वह इस बीमारी से जूझ रही है।

वीडियो में बच्ची की त्वचा उम्र के मुकाबले काफी ढीली और झुर्रियों वाली दिखाई देती है। इसी वजह से कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में उसके छह साल की उम्र में काफी बुजुर्ग जैसी दिखने का दावा किया गया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से किसी व्यक्ति की बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए डॉक्टर की जांच और मेडिकल रिपोर्ट जरूरी होती है।

क्या है Cutis laxa?

Cutis laxa एक दुर्लभ बीमारी है, जो शरीर के कनेक्टिव टिश्यू को प्रभावित करती है। कनेक्टिव टिश्यू शरीर की त्वचा, रक्त वाहिकाओं और कई अंगों को मजबूती और लचीलापन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस बीमारी में त्वचा सामान्य की तुलना में ज्यादा ढीली, लटकती हुई या झुर्रियों वाली दिखाई दे सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि त्वचा को लचीलापन देने वाले फाइबर सही तरीके से काम नहीं कर पाते।

सामान्य तौर पर त्वचा खिंचने के बाद अपनी सामान्य स्थिति में वापस आ जाती है, लेकिन Cutis laxa में इलास्टिक फाइबर की संरचना या कार्य प्रभावित हो सकता है। इसके कारण त्वचा ढीली नजर आने लगती है।

Cutis laxa के दो प्रमुख प्रकार

इस बीमारी को मुख्य रूप से दो प्रकारों में बांटा जाता है।

1. इनहेरिटेड Cutis laxa:
यह आनुवंशिक प्रकार है, जो जीन में बदलाव के कारण हो सकता है। यह जन्म के समय मौजूद हो सकता है या बचपन में इसके लक्षण सामने आ सकते हैं।

2. एक्वायर्ड Cutis laxa:
यह जीवन में बाद में विकसित हो सकता है। कुछ मामलों में अन्य बीमारियों, संक्रमण या कुछ दवाओं के रिएक्शन से इसका संबंध देखा गया है।

क्यों होती है यह बीमारी?

इनहेरिटेड Cutis laxa के कई प्रकार अलग-अलग जीन में बदलाव से जुड़े हो सकते हैं। इनमें ऐसे जीन भी शामिल हैं जो इलास्टिन और कनेक्टिव टिश्यू के सामान्य विकास और कामकाज में भूमिका निभाते हैं।

इलास्टिन एक प्रोटीन है, जो त्वचा और शरीर के कई टिश्यू को खिंचने और फिर सामान्य स्थिति में लौटने में मदद करता है। जब इससे जुड़ी प्रक्रिया प्रभावित होती है, तो त्वचा और अन्य कनेक्टिव टिश्यू में ढीलापन आ सकता है।

क्या-क्या लक्षण दिखाई दे सकते हैं?

Cutis laxa के लक्षण हर व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते। कुछ संभावित लक्षणों में शामिल हैं:

  • त्वचा का सामान्य से ज्यादा ढीला या झुर्रियों वाला दिखाई देना
  • चेहरे की बनावट में कुछ बदलाव
  • शरीर की वृद्धि धीमी होना
  • विकास या सीखने से जुड़ी समस्याएं, कुछ मामलों में
  • रीढ़ या छाती की संरचना में बदलाव
  • जोड़ सामान्य से ज्यादा ढीले या लचीले होना

कुछ प्रकारों में त्वचा के अलावा शरीर के अंदर के अंग और रक्त वाहिकाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए इस बीमारी वाले व्यक्ति की मेडिकल निगरानी जरूरी हो सकती है।

क्या Cutis laxa को रोका जा सकता है?

आनुवंशिक Cutis laxa को रोकने का कोई सामान्य तरीका उपलब्ध नहीं है, क्योंकि यह जीन में बदलाव से जुड़ी स्थिति हो सकती है। माता-पिता को इसके लिए दोषी ठहराना सही नहीं है।

इस बीमारी का इलाज व्यक्ति में मौजूद लक्षणों और प्रभावित अंगों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। कुछ मामलों में डॉक्टर लक्षणों को नियंत्रित करने और जीवन की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए उपचार और नियमित निगरानी की सलाह देते हैं।

इसलिए सोशल मीडिया पर किसी बच्चे की तस्वीर या वीडियो देखकर उसके स्वास्थ्य को लेकर निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। किसी भी दुर्लभ बीमारी की पुष्टि केवल योग्य डॉक्टर और आवश्यक मेडिकल जांच के आधार पर ही की जानी चाहिए।