असम में बाल विवाह के खिलाफ एक्शन: धुबरी जिले में 70 लोग हिरासत में, कई जगहों पर छापेमारी
दिसपुर, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम में बाल विवाह के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 70 लोगों को हिरासत में लिया है। धुबरी जिले में कई जगहों पर छापेमारी की गई है। इस मामले की जांच जारी है और कुछ आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
इसे लेकर जिला अदालत के वकील जाकिर हुसैन ने बुधवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि बाल विवाह के खिलाफ अभी मेरे पास 2 क्लाइंट आए हैं। मंगलवार को 70 आरोपियों को बाल विवाह के खिलाफ पकड़ा गया है। वह अभी कोर्ट में है। हम बेल फाइल करेंगे। जमानत मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि बाल विवाह की ज्यादातर घटनाएं ग्रामीण इलाकों में हो रही हैं, लेकिन असम सरकार ने जो इसके खिलाफ कदम उठाया है, वह बहुत अच्छा है। बाल विवाह बंद होना चाहिए, लेकिन बाल विवाह एक्ट जो 2006 में पास हुआ, उसे 1 नवंबर 2007 को पूरे देश में लागू किया गया। हालांकि, इसके बाद भी लोगों में इस प्रति जागरूकता की कमी है, इसलिए मेरा सरकार, दल और संगठनों से अनुरोध है कि वह इसके लिए और भी काम करें। उन्होंने कहा कि पूर्व में जितने भी बाल विवाह हुए हैं, वह इरादतन नहीं हुआ होगा, ऐसा मेरा मानना है।
मेरे ख्याल से लोगों को बाल विवाह एक्ट के बारे में जानकारी नहीं है, इसलिए शायद ऐसा हुआ। ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर लोग अशिक्षित होते हैं। उन्हें इस कानून के बारे में जानकारी नहीं है। हो सकता है कि यह इसके पीछे एक अहम कारण है। सरकार को लोगों के बीच बाल विवाह कानून के प्रति जागरूकता फैलाने का काम करना चाहिए था। हालांकि, अब ऐसा हो रहा है। सरकार इस ओर कदम उठा रही है। उम्मीद है कि यह बहुत जल्द बंद हो जाएगा।
वकील जाकिर हुसैन ने कहा कि बाल विवाह की वजह से लड़का-लड़कियों का भविष्य खराब हो रहा है।
--आईएएनएस
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