×

असम चुनाव परिणाम: डूमडूमा में भाजपा ने बरकरार रखी अपनी जीत, रूपेश गोवाला ने कांग्रेस के दुर्गा भूमिज को हराया

 

गुवाहाटी, 4 मई (आईएएनएस)। असम की डूमडूमा विधानसभा सीट पर भाजपा के रूपेश गोवाला ने बंपर जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस के दुर्गा भूमिज को 55382 वोटों से हराया है। उन्हें कुल 86009 मत प्राप्त हुए।

बता दें कि असम के तिनसुकिया जिले में स्थित डूमडूमा विधानसभा सीट, ऊपरी असम का यह क्षेत्र लंबे समय तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अभेद्य गढ़ माना जाता रहा, लेकिन पिछले डेढ़ दशक में यहां की राजनीति में तेजी से बदलाव आया है।

1951 में स्थापित यह सीट “डूमडूमा” के नाम से जानी जाती है और लखीमपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के नौ खंडों में से एक है। इसमें डूमडूमा नगरपालिका क्षेत्र के साथ हापजान और काकोपाथर विकास खंडों के हिस्से शामिल हैं। यह क्षेत्र अब तक हुए सभी 15 विधानसभा चुनावों का हिस्सा रहा है और इसका राजनीतिक इतिहास असम की बदलती राजनीति का आईना रहा है।

डूमडूमा को कभी कांग्रेस का “किला” कहा जाता था। 1952 से 2006 तक हुए लगातार 12 चुनावों में कांग्रेस ने यहां जीत दर्ज की और कुल मिलाकर 13 बार इस सीट पर कब्जा किया। यह वर्चस्व इतना मजबूत था कि विपक्षी दलों के लिए यहां जगह बनाना लगभग असंभव माना जाता था। हालांकि 2006 के चुनाव में भाजपा ने पहली बार इस किले को चुनौती दी, जब उसके उम्मीदवार दिलीप मोरन बेहद मामूली अंतर से हार गए। यह हार भाजपा के लिए संकेत थी कि जमीन बदल रही है।

इसके बाद आखिरकार 2011 में भाजपा ने कांग्रेस के इस गढ़ में सेंध लगा ही दी। दिलीप मोरन ने कांग्रेस के रूपेश गोवाला को हराकर इतिहास रच दिया। इसके बाद 2016 में कांग्रेस ने वापसी करते हुए दुर्गा भूमिज को मैदान में उतारा, जिन्होंने मात्र 782 वोटों के अंतर से भाजपा को हराकर सीट वापस हासिल कर ली। लेकिन यह बढ़त ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकी।

2021 के विधानसभा चुनाव में एक दिलचस्प राजनीतिक मोड़ देखने को मिला, जब पूर्व कांग्रेसी नेता रूपेश गोवाला भाजपा में शामिल हो गए और उसी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा। इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला दरअसल दो पूर्व कांग्रेसी नेताओं के बीच था। गोवाला ने दुर्गा भूमिज को 8,138 वोटों से हराकर सीट भाजपा के खाते में डाल दी।

लोकसभा चुनावों के रुझान भी इस बदलाव को मजबूती देते हैं। 2009 में कांग्रेस ने असम गण परिषद को हराया था, लेकिन 2014 के बाद से भाजपा ने लगातार बढ़त बनाए रखी है। 2014 में भाजपा ने कांग्रेस को 32 हजार से अधिक वोटों से हराया, 2019 में यह अंतर 40 हजार से भी अधिक हो गया और 2024 में भी भाजपा ने मजबूत बढ़त बरकरार रखी। यह रुझान बताता है कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की पकड़ यहां मजबूत हो चुकी है, हालांकि विधानसभा चुनावों में मुकाबला अब भी बराबरी का रहता है।

2026 के चुनावों के लिए मतदाता सूची पर नजर डालें तो डूमडूमा में कुल 1,47,990 मतदाता पंजीकृत हैं, जो 2024 की तुलना में वृद्धि दर्शाता है। यह एक मुख्य रूप से ग्रामीण सीट है, जहां करीब 92 प्रतिशत मतदाता गांवों में रहते हैं। अनुसूचित जाति और जनजाति की आबादी यहां बहुत कम है, जबकि मुस्लिम मतदाताओं की उपस्थिति भी नगण्य है। इसके बावजूद यहां मतदान प्रतिशत हमेशा ऊंचा रहा है, जो इस क्षेत्र की राजनीतिक जागरूकता को दर्शाता है।

--आईएएनएस

एसएके/डीएससी