असम बाढ़ राहत में भेदभाव, मनोज चौहान बोले- आंसुओं के बीच फर्क न करे सरकार
गुवाहाटी, 28 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस महासचिव मनोज चौहान ने असम में आई बाढ़ को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अपर असम के चराईदेव, जोरहाट और शिवसागर समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों के पांच दिवसीय दौरे के बाद चौहान ने कहा कि राहत सामग्री और प्रभावित परिवारों को घोषित 15 हजार रुपए की सहायता राशि के वितरण में कथित तौर पर राजनीतिक भेदभाव किया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार से भी असम के लिए बड़े राहत पैकेज की मांग की।
मनोज चौहान ने कहा कि उन्होंने गांव-गांव जाकर बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की और सुबह से रात तक उनके बीच रहे। कांग्रेस और व्यक्तिगत स्तर पर लोग अपनी क्षमता के अनुसार मदद कर रहे हैं, लेकिन सरकार के पास बजट और संसाधन हैं, इसलिए उसकी जिम्मेदारी ज्यादा है।
चौहान ने आरोप लगाया कि जिन लोगों को भाजपा समर्थक या भाजपा को वोट नहीं देने वाला माना जा रहा है, उन्हें कथित तौर पर राहत सामग्री और 15 हजार रुपए की घोषित सहायता नहीं दी जा रही। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से अपील की कि आपदा के समय लोगों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों के दुख और आंसुओं में अंतर करना बेहद पीड़ादायक है। चौहान ने राज्य सरकार से राहत वितरण को निष्पक्ष बनाने की मांग की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अपर असम में इस बार जैसी बाढ़ आई है, वैसी उन्होंने बुजुर्गों से भी पहले देखने या सुनने को नहीं मिली। 80-85 वर्ष की उम्र के लोगों ने भी इसे अभूतपूर्व बताया। केंद्र सरकार को इस गंभीर स्थिति को देखते हुए असम के लिए बड़े राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। नेपाल में आई आपदा का जिक्र करते हुए चौहान ने भारत सरकार से वहां फंसे और लापता भारतीयों की मदद के लिए नेपाल सरकार के साथ समन्वय करने की भी अपील की।
बाढ़ के कारण कई स्कूल अभी भी बंद हैं और कुछ स्थानों पर वैकल्पिक जगहों पर कक्षाएं चल रही हैं। चौहान ने बताया कि कांग्रेस के सेवा दल के कार्यकर्ता प्रभावित इलाकों में बच्चों के बीच काम कर रहे हैं। कई परिवारों का सामान बाढ़ में नष्ट हो गया है, जिसके चलते बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। कांग्रेस कार्यकर्ता किताबें और स्कूल बैग उपलब्ध करा रहे हैं और कुछ स्कूलों में कंप्यूटर लगाने का काम भी किया जा रहा है। सामान्य स्थिति बहाल होने में अभी 10-15 दिन और लग सकते हैं, इसलिए सरकार को शिक्षा व्यवस्था को जल्द सामान्य करने के लिए सहायता करनी चाहिए।
नगांव में होने वाले उपचुनाव को लेकर चौहान ने कांग्रेस की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को चुनाव परिणाम को लेकर कोई संदेह नहीं है। उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि नगांव क्षेत्र में कांग्रेस लगभग 2.5 लाख वोटों से आगे रही थी। देश के राजनीतिक माहौल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवा वर्ग और नई पीढ़ी कांग्रेस और राहुल गांधी के साथ खड़ी है।
'वन नेशन, वन इलेक्शन' को लेकर चौहान ने कहा कि इसे लागू करना आसान नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन के जरिए चुनावी सीटों की संख्या को अपने राजनीतिक हितों के अनुरूप बदलने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस का रुख 543 लोकसभा सीटों की मौजूदा संख्या को बनाए रखने का है। पार्टी चाहती है कि यही संख्या आगे भी बनी रहे और 2029 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने की दिशा में कदम उठाया जाए।
--आईएएनएस
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