असम बाढ़ के पीड़ितों को पोस्टमॉर्टम में छूट, सीएम का अधिकारियों को निर्देश-मानवीय रवैया अपनाएं
गुवाहाटी, 28 जुलाई (आईएएनएस)। असम में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए संवेदनशील कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की घड़ी में प्रशासन का रवैया मानवीय होना चाहिए और पीड़ित परिवारों को अनावश्यक प्रक्रियाओं का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया कि संकट के समय सरकार की प्रतिक्रिया दया और संवेदना पर आधारित होनी चाहिए, न कि केवल ब्यूरोक्रेसी पर। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के मामलों में पोस्टमॉर्टम की अनिवार्यता को माफ किया जाए, ताकि शोकाकुल परिवारों को अतिरिक्त परेशानी न उठानी पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत और सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया में किसी भी ऐसी देरी से बचा जाना चाहिए, जिसे टाला जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द आवश्यक मदद उपलब्ध कराई जाए। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को संकट के समय प्रशासनिक औपचारिकताओं के कारण परेशान न होना पड़े।
असम में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आती है। कई जिलों में बाढ़ के कारण लोगों को विस्थापन, संपत्ति के नुकसान और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे हालात में सरकार की ओर से राहत कार्य, बचाव अभियान और प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाना प्राथमिकता में रहता है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए काम करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपदा के समय प्रशासन की जिम्मेदारी केवल नियमों का पालन करना नहीं, बल्कि पीड़ितों की मदद के लिए संवेदनशीलता के साथ काम करना भी है।
राज्य सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की निगरानी की जा रही है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सहायता उपलब्ध कराई जाए और जरूरी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए।
--आईएएनएस
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