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एशियन गेम्स: भारतीय महिला स्कीट टीम ने जीता ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल, परिनाज ने 'बेहतर ट्रेनिंग सपोर्ट' को श्रेय दिया

 

नागोया, 23 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय विमेंस स्कीट टीम ने बुधवार को देश के लिए ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारतीय टीम में रायजा ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान के साथ इस मेडल को जीतने वालीं परिनाज धालीवाल ने बेहतर ट्रेनिंग और सपोर्ट सिस्टम के लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) को श्रेय दिया। इसी सपोर्ट की वजह से महिला टीम एशियन गेम्स में मेडल का 23 साल का इंतजार खत्म कर सकी।

परिनाज, राइजा और माहेश्वरी ने क्वालिफिकेशन राउंड में कुल 331 का स्कोर करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। चीन (347) ने गोल्ड मेडल और कजाकिस्तान (336) ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

इस कामयाबी पर बात करते हुए परिनाज ने पिछले एशियन गेम्स की तुलना में तैयारियों में आए बदलावों का जिक्र करते हुए बताया कि इस बार टीम के दो कैंप हुए और उन्हें विदेशी कोच, घरेलू कोच और सपोर्ट स्टाफ का साथ मिला।

जीत के बाद परिनाज ने 'आईएएनएस' से ​​कहा, "इस बार इन गेम्स से पहले हमारे दो कैंप हुए थे। साई ने हमारे लिए रिकार्डो फिलिपेली को विदेशी कोच के तौर पर नियुक्त किया। हमारे पास घरेलू कोच अमरिंदर चीमा हैं। हमारे पास अपने फिजियोथेरेपिस्ट हैं। जाहिर है, यह सब साई के सपोर्ट की वजह से हुआ है। पिछले गेम्स में हमारा सिर्फ एक ही कैंप हुआ था। हमारे पास कोच नहीं थे। इसलिए इस बार चीजें काफी अलग थीं। सपोर्ट बहुत ही शानदार रहा।"

परिनाज ने कहा कि वह मेडल जीतकर बहुत खुश हैं। परिनाज को शुरू में पता नहीं था कि इस कामयाबी से कोई रिकॉर्ड बना है। उन्होंने कहा, "मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। यह 23 साल बाद टीम इवेंट में हमारा पहला मेडल है। मुझे तो यह भी पता नहीं था कि हमने कोई रिकॉर्ड बनाया है, लेकिन यह बहुत अच्छा लग रहा है। पूरी टीम को सलाम।"

भारतीय शूटर फाइनल के लिए क्वालीफाई करने के बाद महिलाओं के स्कीट व्यक्तिगत इवेंट में आठवें स्थान पर रहीं, जबकि राइजा चौथे स्थान पर रहने के कारण मेडल से चूक गईं।

दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने क्वालिफिकेशन में 125 में से 111 शॉट लगाए, जिसमें राइजा आठवें और परिनाज नौवें स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचीं। हालांकि, मेडल राउंड में दोनों में से कोई भी खास असर नहीं दिखा पाईं।

अपना पहला इंटरनेशनल फाइनल खेलने वालीं परिनाज का मानना है कि यह अनुभव उनके लिए कुछ सीखने का मौका होगा। उन्होंने कहा, "सच कहूं तो, मेरे दिमाग में ज्यादा कुछ नहीं चल रहा था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर यह मेरा पहला फाइनल था। इसलिए चीजें उतनी अच्छी नहीं रहीं, लेकिन कोई बात नहीं; यह हमेशा कुछ सीखने का अनुभव होता है।"

परिनाज ने टीम मेडल उन लोगों को समर्पित किया, जिन्होंने उनके सफर में उनका साथ दिया। उन्होंने आगे कहा, "मेडल समर्पित करने के बारे में सोचते हुए, मेरे मन में कई लोगों का ख्याल आता है, क्योंकि इसमें बहुत से लोगों की भूमिका रही है। जाहिर है, फेडरेशन, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, मेरे परिवार, मेरे पर्सनल कोच और घरेलू कोच से लेकर कई लोग शामिल हैं।"

--आईएएनएस

आरएसजी