आशुतोष महाराज के साथ एसीपी की तस्वीर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उठाए सवाल
वाराणसी, 24 फरवरी (आईएएनएस)। प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर (एसीपी) अजय पाल शर्मा की आशुतोष महाराज के साथ तस्वीर सामने आने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने एसीपी अजय पाल शर्मा की आशुतोष महाराज के साथ एक तस्वीर दिखाते हुए कहा कि ये वही (आशुतोष महाराज) हैं, जिन्होंने शिकायत की है, और ये वो (एसीपी अजय पाल शर्मा) हैं, जिनके अंतर्गत जांच चल रही है।
उन्होंने कहा कि दोनों मिलकर उत्सव मना रहे हैं, केक काट रहे हैं। जब उनका पहले से ही गठजोड़ बना हुआ है, मिलकर सेलिब्रेशन कर रहे हैं। ये फोटो भेजकर जनता हमसे कह रही है, 'इनसे क्या उम्मीद करें?' उन्होंने सवाल करते हुए कहा, 'ये क्या जांच करेंगे?'
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा कि 18 तारीख के पहले ऐसी कोई बात नहीं थी। 18 तारीख को हमको स्नान करने से रोका गया। उसके बाद हमारे प्रतीकों पर प्रहार किया गया। उसी दिन शाम को ये (एसीपी अजय पाल शर्मा) हमको दोपहर में संगम के नोज पर मिल गए थे और ये (आशुतोष महाराज) शाम से अपीयर हो गए।
उन्होंने कहा कि शाम को आकर इन्होंने (आशुतोष महाराज) एक मुकदमा दायर किया। दो दिन बाद ये पॉक्सो का मुकदमा बनाकर लेकर आ गए और दायर कर दिया। उसके बाद से एक के बाद एक करते चले जा रहे हैं। इससे समझ में आता है कि दोपहर में जो माघ मेले में घटना घटी उसके बाद कहा होगा कि भाई कुछ करो तो उन्होंने अपना शुरू किया।
उन्होंने कहा कि इन्होंने जो हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया, वो चल नहीं सकता था, क्योंकि सड़क के ऊपर की बात थी और सीसीटीवी सब जगह रहता है। उसका कोई प्रमाण उपलब्ध हो नहीं सकता। फिर उन्होंने दो दिन रुक कर पॉक्सो का मामला बना दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस के सामने बच्चों को लेकर जब ये महाराज गए थे तो पुलिस ने क्यों नहीं माना? आखिर जब पॉक्सो एक्ट कहता है कि बच्चे ने जो कहा उसको मानकर तत्काल कार्रवाई करो तो पुलिस को चाहिए था कि तत्काल मुकदमा दर्ज करती। तत्काल मेडिकल कराती, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। फिर ये कोर्ट चले गए। यहीं पर चोर की दाढ़ी में तिनका दिखाई देने लग जाता है कि पुलिस ने खुद ही मामला बनाया।
--आईएएनएस
सत्यम/डीकेपी