शांति धारीवाल बोले- राजस्थान में अशोक गहलोत ही कांग्रेस के आलाकमान, वीडियो में जाने समर्थकों ने लगाए 'गहलोत जिंदाबाद' के नारे
राजस्थान कांग्रेस की राजनीति को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान सामने आया है। कोटा उत्तर से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने दोहराया है कि राजस्थान में अशोक गहलोत ही कांग्रेस के आलाकमान हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली का आलाकमान अलग है और वही पार्टी का सर्वोच्च हाईकमान है।दरअसल, एक मीडियाकर्मी ने धारीवाल से पूछा कि उन्होंने पहले कहा था कि प्रदेश कांग्रेस में अशोक गहलोत ही आलाकमान हैं, क्या आज भी वे अपने इस बयान पर कायम हैं? इस पर धारीवाल ने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब दिया, "मैं आज भी इस बात पर कायम हूं।"
धारीवाल के इस बयान के दौरान वहां मौजूद समर्थकों ने "अशोक गहलोत जिंदाबाद" के नारे लगाए। इससे कार्यक्रम का माहौल राजनीतिक रूप से और अधिक गर्म हो गया।अपने बयान का समर्थन करते हुए धारीवाल ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के आम कार्यकर्ताओं का व्यवहार ही इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि "जयपुर की धरती पर कदम रखते ही कांग्रेस कार्यकर्ता का दूसरा पैर सीधे अशोक गहलोत के बंगले की ओर जाता है। चाहे वे ट्रेन, बस या कार से उतरें, सबसे पहले वहीं पहुंचते हैं। इससे साफ पता चलता है कि कार्यकर्ताओं के मन में असली नेतृत्व किसका है।"
धारीवाल ने यह भी दोहराया कि राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का सर्वोच्च नेतृत्व दिल्ली में है और अंतिम निर्णय हाईकमान ही लेता है। लेकिन प्रदेश की राजनीति और कार्यकर्ताओं के बीच अशोक गहलोत का प्रभाव आज भी मजबूत बना हुआ है।अशोक गहलोत लंबे समय तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे हैं और राज्य कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में उनकी गिनती होती है। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी सक्रिय भूमिका लगातार बनी हुई है।
धारीवाल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राजस्थान कांग्रेस आगामी चुनावों और संगठनात्मक रणनीति को लेकर मंथन कर रही है। ऐसे में उनके बयान को प्रदेश कांग्रेस के अंदर नेतृत्व और संगठनात्मक प्रभाव के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धारीवाल के इस बयान से एक बार फिर राजस्थान कांग्रेस में अशोक गहलोत की भूमिका और प्रभाव को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे के अनुसार राष्ट्रीय स्तर के सभी महत्वपूर्ण फैसले पार्टी हाईकमान द्वारा ही लिए जाते हैं।