असम के मुख्यमंत्री को सभी के साथ बराबर आचरण करना चाहिए: रफीकुल इस्लाम
गुवाहाटी, 31 जनवरी (आईएएनएस)। अखिल भारतीय संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (एआईयूडीएफ) के महासचिव एवं विधायक रफीकुल इस्लाम ने शनिवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के 'मिया' वाले बयान की कड़ी आलोचना की है।
एआईयूडीएफ के रफीकुल इस्लाम ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा अमस के मुसलमानों को टारगेट करके लगातार गाली देते जा रहे हैं। वे कभी 'मिया' और कभी 'विदेशी' बोलते हैं। कभी ऐसा बोलते हैं कि उन्हें कष्ट देने में मजा आता है। दुर्भाग्य है कि एक राज्य के मुख्यमंत्री, जिन्होंने संविधान की शपथ ली कि किसी के साथ भी पक्षपात नहीं करना है और सभी के साथ बराबर का आचरण करना है।
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री असम के 35 प्रतिशत मुसलमानों को टारगेट बनाकर हमेशा अशब्द बोलते हैं और उनकी आलोचना करते हैं। असम और हमारे लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि असम को ऐसा मुख्यमंत्री मिला जो इतना सांप्रदायिक है कि पता नहीं कितना जहर अपने अंदर पाल रखा है और रोजाना जगह-जगह उगलते रहते हैं। कभी मुसलमानों को बांटना और पूरे समुदाय को गोली देना मुख्यमंत्री को बंद करना चाहिए। उन्हें नफरत बांटना बंद करना चाहिए। जब वो किसी से प्यार मोहब्बत नहीं कर सकते हैं तो कम से कम नफरत मत कीजिए।"
एआईयूडीएफ नेता ने कहा, "साथ ही वे प्रवीण तोगड़िया को असम में बुलाकर राज्य के मुसलमानों का अपमान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री को तोगड़िया के असम में आने पर बैन लगाना चाहिए, लेकिन इसके उलट मुख्यमंत्री खुद उन्हें बुलाते हैं और अपने पास रखते हैं। तोगड़िया एक सांप्रदायिक व्यक्ति है, जिसने अपने दिमाग और दिल में सिर्फ जहर बो कर रखा है। वे जब भी बोलते हैं, मुंह से जहर ही निकालते हैं। हाईकोर्ट से मेरी अपील है कि वे प्रवीण तोगड़िया के खिलाफ सो-मोटिव केस लें। असम में 50 लाख बांग्लादेशी बोलकर मुसलमानों का अपमान किया गया है। साथ ही राज्यपाल ने भी मुख्यमंत्री से कहा कि वे नफरत फैलाना छोड़ दें और सभी के साथ समान व्यवहार करें।"
उन्होंने कहा, "असम डीजीपी को पुलिस को ऑर्डर करना चाहिए कि प्रवीण तोगड़िया के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो और उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए। मेरा डीजीपी साहब से यह आह्वान है। राज्यपाल से भी आह्वान है कि वे राज्य में इस तरह से नफरत के सौदागर को मत आने दीजिए। उसके आने का रास्ता बंद करना चाहिए।"
--आईएएनएस
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