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अरशद मदनी की टिप्पणी पर मुख्तार अब्बास नकवी का तीखा पलटवार, राहुल गांधी और ममता बनर्जी पर भी साधा निशाना

 

दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी की टिप्पणी पर तीखा पलटवार किया है। मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि जिन लोगों ने देश में सांप्रदायिकता के जरिए एक बड़े वर्ग के अधिकारों को बंधक बनाने की कोशिश की, सांप्रदायिक छल से संवैधानिक, समावेशी और धर्मनिरपेक्षता के बल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, वे आज ज्ञान बांट रहे हैं।

दरअसल, अरशद मदनी ने अपने एक बयान में कांग्रेस की सांप्रदायिकता के खिलाफ नीति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या के बाद अगर सांप्रदायिकता का सिर सख्ती से कुचल दिया जाता तो देश तबाह होने से बच जाता। मदनी ने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस ने 77 साल पहले सांप्रदायिकता के खिलाफ यही कड़ा रुख अपनाया होता, तो वह सत्ता से बाहर नहीं होती और देश बर्बादी के कगार पर नहीं पहुंचता।

मदनी की टिप्पणी के बाद मुख्तार अब्बास नकवी ने करारा जवाब दिया। उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, "कुछ लोग सांप्रदायिकता के 'गुरू' हैं। अब वह धर्मनिरपेक्षता के 'गुरु' बनने की कोशिश में जुटे हैं। लेकिन सांप्रदायिकता के सूरमा अगर धर्मनिरपेक्षता का संदेश देंगे तो इसी तरह की बातें सुनाई पड़ेंगी।"

मुख्तार अब्बास नकवी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की चीन के विषय पर हालिया टिप्पणी को लेकर भी पलटवार किया। भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी के ऐसे बयान ही कांग्रेस का बंटाधार कर रहे हैं। निराशा और कड़वाहट में फंसे कांग्रेस नेता आज ऐसी स्थिति में हैं कि वे न घर के रहे हैं और न ही कहीं और के।

उन्होंने कहा, "कांग्रेस नेता की सोच राष्ट्रीय मुद्दों, राष्ट्रीय सुरक्षा के विषयों और आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दों पर कबाड़खाने में कैद दिखाई पड़ती है। अपनी निराशा में घिरे नेता ऐसी अधर में लटकी स्थिति में हैं, जहां उनके पास जाने के लिए कोई जगह नहीं है।"

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एसआईआर पर आरोपों को लेकर मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "पश्चिम बंगाल के लोगों और जमीन के लिए खून से सने शासन का जाना जरूरी है। इस शासन में पश्चिम बंगाल के लोगों को बहुत नुकसान हुआ है।"

--आईएएनएस

डीसीएच/