अर्जुन राम मेघवाल का विपक्ष पर आरोप, विपक्ष की साजिश के कारण अटका महिला आरक्षण बिल
बीकानेर, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की सोची समझी साजिश थी, इसीलिए उन्होंने इसका समर्थन नहीं किया।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि विपक्ष के रवैये की वजह से महिलाओं में गुस्सा देखने को मिल रहा है। इसका परिणाम जल्द ही देखने को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि 1927 से महिलाएं यह प्रयास कर रही हैं कि हमें राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिले, खासकर लोकसभा और विधानसभा में मिले, लेकिन आज तक विपक्ष ने इस पर ध्यान नहीं दिया था। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर ध्यान दिया, तो विपक्ष इसका विरोध करने लगा।
केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का आरक्षण 2023 सर्वसम्मति से पारित हुआ था, उसको भी लागू नहीं किया सका। विपक्ष एक के बाद एक विरोध कर इसको रोक रहा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष की हर पार्टी ने इसके लिए अलग-अलग तर्क दिया है, जो सही नहीं है। हमें देश के लिए एक साथ रहना चाहिए और जनता के हित में काम करना चाहिए। समाजवादी पार्टी बोली, "मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण दे दो।" ऐसा संविधान में ही प्रावधान नहीं। किसी ने कहा, "ओबीसी महिलाओं को आरक्षण दे दो," तो यह 2023 का जो बिल है उसमें संशोधन की बात थी। वो अलग विषय है और उसमें फिर कभी चर्चा की जा सकती है। इसी तरह हर पार्टी ने अलग-अलग तर्क दिया है।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इतनी बार इसके फायदे बताए, लेकिन विपक्ष के सांसद इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जो देश के लिए सही नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे विधानसभा चुनाव से न जोड़ा जाए, इसका इससे कोई मतलब नहीं है। हमें जनता के हित में काम करने के लिए यहां भेजा गया है, हम लोगों को वहीं करना चाहिए।
--आईएएनएस
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