'अर्जेंटीना पर दबाव होगा, वे वर्ल्ड चैंपियन हैं', सेमीफाइनल मैच से पहले इंग्लिश डिफेंडर गुएही का दावा
अटलांटा, 15 जुलाई (आईएएनएस)। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना का सामना इंग्लैंड से होना है। इस मैच से पहले इंग्लैंड के डिफेंडर मार्क गुएही का मानना है कि सेमीफाइनल में इंग्लिश टीम से अधिक दबाव अर्जेंटीना पर होगा।
अर्जेंटीना और इंग्लैंड की टीम 20 साल से ज्यादा समय बाद विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच विश्व कप का इतिहास काफी पुराना और रोमांचक रहा है। दोनों टीमें पिछले पांच विश्व कप में भिड़ चुकी हैं, जिसमें इंग्लैंड ने तीन बार जीत हासिल की है।
सेमीफाइनल से पहले गुएही ने कहा, "दबाव अर्जेंटीना पर है क्योंकि वे विश्व चैंपियन हैं। यह हमारे करियर और जीवन का सबसे बड़ा मैच है। हमें अपने देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा और मैदान पर पूरी मेहनत करनी होगी।" इस बीच, इंग्लैंड के युवा विंगर नोनी माडुएके का मानना है कि इस टूर्नामेंट में इंग्लैंड की टीम ने विरोधी टीमों के बीच एक अलग तरह का डर पैदा कर दिया है। उनका कहना है कि इंग्लैंड के आक्रामक खिलाड़ी किसी भी समय मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
माडुएके ने कहा कि टीम का ध्यान विरोधियों की चिंता करने के बजाय अपने खेल पर रहा है। उन्होंने कहा, "हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो किसी भी मैच में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन कर सकते हैं। अब तक हमने दूसरी टीमों के बारे में ज्यादा सोचने के बजाय अपने प्रदर्शन पर ध्यान दिया है। मुझे लगता है कि दूसरी टीमें हमारी टीम को लेकर ज्यादा चिंतित होंगी।"
इंग्लैंड के स्टार खिलाड़ी बुकायो साका ने भी टीम के आक्रमण की ताकत पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि बड़े मुकाबलों में अहम पल बहुत मायने रखते हैं और इंग्लैंड के पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो दबाव के समय शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं। साका ने कहा, "कई बार बात अहम पलों पर निर्भर करती है। हमारे पास ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो ऐसे पल बना सकते हैं, इसलिए आपको बस फोकस बनाए रखना है, अपने नेट में गोल नहीं होने देना है और फिर आपको पता होता है कि हमारी फ्रंट लाइन में से कोई न कोई जादुई पल दिखाएगा और टीम के लिए मैच जिताएगा।"
इंग्लैंड के कोच थॉमस ट्यूशेल के लिए भी यह मुकाबला खास है। वह अपने देश के अलावा किसी दूसरी टीम को विश्व कप फाइनल तक पहुंचाने वाले चौथे मैनेजर बन सकते हैं। इससे पहले, उन्होंने साल 1978 में ऑस्ट्रिया के अर्न्स्ट हैपल ने नीदरलैंड्स को फाइनल तक पहुंचाया था। हालांकि, इंग्लैंड के सामने अर्जेंटीना जैसी मजबूत टीम की चुनौती होगी। अर्जेंटीना पिछले चार विश्व कप में तीसरी बार सेमीफाइनल तक पहुंचा है और टीम बड़े मुकाबलों में दबाव संभालने का हुनर बखूबी जानता है।
--आईएएनएस
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