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अपहरण की झूठी कहानी का पर्दाफाश, लखनऊ पुलिस ने नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को अहमदाबाद में पकड़ा

 

लखनऊ, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। लखनऊ पुलिस ने कथित अपहरण के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से रुपए लेने और उन्हें वापस न कर पाने के दबाव के कारण उस व्यक्ति के अपहरण की झूठी कहानी रची गई थी। पुलिस ने संबंधित व्यक्ति को गुजरात के अहमदाबाद से सकुशल बरामद किया और कहा कि वह स्वयं लखनऊ से अहमदाबाद पहुंचा था।

पुलिस के अनुसार, 6 अक्टूबर को शिप्रा यादव नाम की महिला ने मड़ियांव थाना में यह प्रार्थना पत्र दिया था कि उसका पति सत्यरत्न दीक्षित गायब है। महिला ने बताया कि उन्हें एक व्यक्ति ने घर आकर उनके पति के अपहरण की सूचना दी थी। महिला के प्रार्थना पत्र के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए अपनी जांच शुरू की।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उत्तरी जोन की सर्विलांस टीम की मदद ली और संदिग्ध मोबाइल नंबर की लोकेशन का पता किय, जो अहमदाबाद में मिली। इसके पश्चात मड़ियांव थाना पुलिस और सर्विलांस टीम अहमदाबाद पहुंची, जिन्होंने प्राप्त लोकेशन के आधार पर संबंधित स्थानों पर तलाशी ली।

जांच के दौरान विट्ठल मॉल के चौथे तल पर स्थित एक होटल में सत्यरत्न दीक्षित की मौजूदगी का पता चला। पूरी जांच पड़ताल करते हुए पुलिस ने सत्यरत्न दीक्षित को होटल के कमरे से सकुशल बरामद किया। इसके बाद उससे पूछताछ की गई।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान सत्यरत्न दीक्षित ने बताया कि वह 5 अक्टूबर को खुद लखनऊ से निकला था और 7 अक्टूबर को अहमदाबाद पहुंचा था। उसके अनुसार, उसने कई व्यक्तियों से नौकरी दिलाने के नाम पर रुपए लिए थे, लेकिन वह न तो उन्हें नौकरी दिला पा रहा था और न ही उनकी धनराशि वापस कर पा रहा था। इस कारण संबंधित व्यक्ति उस पर रुपए वापस करने का दबाव बना रहे थे।

सत्यरत्न दीक्षित ने यह भी बताया कि 5 अक्टूबर को उसने कुछ लोगों को नियुक्ति के लिए ज्वाइनिंग लेटर देने के लिए बुलाया था। इसी दौरान कई अन्य व्यक्तियों की ओर से भी फोन कर अपनी धनराशि वापस मांगी गई। रुपए वापस करने में असमर्थ होने और मामले का खुलासा होने के भय से उसने कथित रूप से स्वयं को बचाने के उद्देश्य से डायल-112 पर फोन कर झूठी सूचना दी कि दो स्कॉर्पियो गाड़ियां उसका पीछा कर रही हैं।

पूछताछ में सत्यरत्न दीक्षित ने बताया कि सूचना देने के बाद उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और अपनी सियाज कार को पुरनिया चौराहे के पास खड़ा कर चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां से साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए अहमदाबाद चला गया। इसके बाद से वह अहमदाबाद स्थित होटल में ठहरा हुआ था।

अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के बाद पुलिस ने सत्यरत्न दीक्षित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है और नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।

--आईएएनएस

डीसीएच/