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एंटी पेपर लीक बिल पर विपक्ष का विरोध, कहा-कानून नहीं, प्रभावी अमल जरूरी

 

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। संसद के दोनों सदनों से एंटी पेपर लीक बिल पास होने पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि सरकार की नीयत ठीक नहीं है। उन्होंने शुक्रवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि इस कानून से कुछ होने वाला नहीं है। कानून तो पहले भी थे, लेकिन अफसोस की बात है कि आज तक जो लोग भी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हुए उनके खिलाफ आज तक आरोपपत्र तक दाखिल नहीं हुआ।

इमरान मसूद ने कहा कि इन 12 वर्षों में इस सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को बदहाल करके रख दिया है। कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वीडियो पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने वीडियो जारी करके पेपर लीक में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।

इमरान मसूद ने कहा कि प्रधानमंत्री अगर यही बयान संसद में देंगे तो ज्यादा बेहतर रहेगा। इस तरह से वीडियो बनाने से कुछ भी प्राप्त होने वाला नहीं है। जिस तरह से प्रधानमंत्री से वीडियो बना रहे हैं, उससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि उन्हें जेन जी बनने का शौक हो गया है, लेकिन उन्हें इससे किसी भी प्रकार से राजनीतिक फायदा प्राप्त होने वाला नहीं है।

कांग्रेस सांसद हुसैन दलवई ने भी एंटी पेपर बिल के पारित होने पर प्रतिक्रिया दी। उनका दावा है कि इस तरह के बिल से पारित होने से कुछ भी प्राप्त होने वाला नहीं है। इस तरह के कानून तो पहले भी थे, लेकिन क्या पेपर लीक का सिलसिला थम गया था। पूरे देश की परीक्षा एक ही राज्य में कराई जाती थी। आखिर ऐसा क्यों होता है। आखिर क्यों नहीं एक ऐसी प्रणाली विकसित की जाए, जिससे अलग-अलग राज्यों में परीक्षा का आयोजन हो सके। इससे छात्रों को काफी सहूलियत होगी। मेरा निजी ख्याल है कि इस तरह के कानून बनाने से कुछ भी प्राप्त होने वाला नहीं है।

वहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वीडियो संदेश को लेकर भी अपनी बात रखी, जिसमें उन्होंने पेपर लीक जैसी घटनाओं में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई के मुताबिक, मुझे नहीं लगता है कि प्रधानमंत्री को इस तरह से वीडियो संदेश जारी करने की कोई आवश्यकता है। जब आप पहले ही कानून बना चुके हैं, तो इस तरह से वीडियो संदेश जारी करने का कोई मतलब नहीं रह जाता है। अब कानून बना चुके हैं, तो ऐसी स्थिति में कोई भी व्यक्ति जब इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाए, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और ऐसा तभी होगा, जब कानून को धरातल पर धरातल पर विधिवत रूप से उतारा जाएगा।

हम सभी देखा है कि जिस तरह से राम मंदिर चंदा विवाद का मामला प्रकाश में आया है, लेकिन अफसोस की बात है कि सरकार की ओर से इस पूरे मामले में कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद हमें देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छात्रों का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। छात्रों का आक्रोश अपने चरम पर पहुंच गया, लेकिन सरकार ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन को कुचलने के लिए दमनकारी रवैया अपनाया, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यहां तक की कई छात्रों पर पैलेट गन का भी इस्तेमाल सुरक्षाबलों की ओर से किया गया।

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने एंटी पेपर बिल पर प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, जब इस एंटी बिल पर सदन में चर्चा हो रही थी। उस वक्त न ही प्रधानमंत्री मोदी मौजूद थे और न ही गृह मंत्री अमित शाह। ऐसी स्थिति में यह साफ जाहिर होता है कि यह सरकार कितनी गंभीर है। लिहाजा मौजूदा स्थिति को देखकर यह साफ कहा जा सकता है कि इस सरकार की नीयत ठीक नहीं है। यह सरकार छात्रों के हितों पर लगातार कुठाराघात कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे पहले भी कई कानून बने, लेकिन अफसोस की बात है कि वो निष्प्रभावी रहे।

मेरा मानना है कि सिर्फ कानून बना देने से काम नहीं चलेगा। अंत में वो कानून किसके हाथ में जा रहा है और किसकी ओर से लागू किया जा रहा है। इसका अपना एक अलग महत्व होता है। ऐसी स्थिति में किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले हमें गंभीरतापूर्वक विचार करना होगा।

उधर, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने एंटी पेपर बिल पारित होने पर कहा कि इस देश ने ऐसे कई क्षण देखे हैं, जब बिना किसी सार्थक चर्चा के बिल को पारित कर दिया गया। इतना ही नहीं हमने वो क्षण भी देखा है, जब 150 से भी ज्यादा विपक्षी खेमे के नेताओं को निलंबित कर दिया गया था। इसके बावजूद भी बिल को पास कर दिया गया था, लेकिन आज सवाल यह है कि आखिर उन्हें प्राप्त क्या हुआ। यह विवेचना का विषय है। 2024 में भी ऐसा ही बिल पास हुआ था, तब जाकर नीट पेपर लीक में शामिल आरोपी गिरफ्तार हुआ था। इसके बाद सरकार ने अपनी पीठ थपथपाना शुरू कर दिया। आज सवाल है कि हम दो साल बाद कहां पर खड़े हैं। संजू मुखिया आराम से घूम रहे हैं। सीबीआई ने कहा कि हमारे पास इनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। भाजपा जानबूझकर इस मामले में लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना चाह रही है, क्योंकि ये सभी लोग इन्हीं की पार्टी से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। इसी को देखते हुए कार्रवाई के दौरान कोताही बरती जा रही है।

वहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी को ऐसा लग रहा है कि वो इस तरह से इंस्टाग्राम पर वीडियो बनाकर युवाओं से संवाद स्थापित करने में सफल रहेंगे, तो मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि यह उनकी गलतफहमी है। ऐसा बिल्कुल भी होने वाला नहीं है। अब इस देश की जनता को गुमराह नहीं किया जा सकता है। वो दिन जा चुके हैं। आज की तारीख में देश की जनता काफी समझदार और जागरूक हो चुकी है, उन्हें भ्रमित नहीं किया जा सकता है।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी