अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र ने दुनियाभर के शिक्षकों का किया धन्यवाद
नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र की ओर से दुनियाभर के सभी शिक्षकों का धन्यवाद किया गया है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से आधिकारिक एक्स हैंडल से लिखा गया, "सोमवार को अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस है! आने वाली पीढ़ियों के प्रति अटूट समर्पण के लिए दुनिया भर के सभी शिक्षकों का धन्यवाद।"
दुनियाभर में शिक्षकों का सम्मान करने के लिए शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के साथ जुड़ेंने के लिए अपील की गई है। यूनेस्को की ओर से कहा गया है कि दुनियाभर के सभी शिक्षकों का सम्मान करने के लिए हर साल 5 अक्टूबर को 'विश्व शिक्षक दिवस' मनाया जाता है। यह दिन 1966 में शिक्षकों की स्थिति के बारे में आईएलओ/यूनेस्को की सिफारिश को अपनाए जाने की सालगिरह के तौर पर मनाया जाता है। इस सिफारिश में शिक्षकों के अधिकारों और जिम्मेदारियों, उनकी शुरुआती ट्रेनिंग और आगे की शिक्षा, भर्ती, नौकरी और पढ़ाने-सीखने की स्थितियों के लिए मानक तय किए गए हैं।
यूनेस्को की ओर से कहा गया है कि 1966 की सिफारिश को पूरा करने और उसमें उच्च शिक्षा में पढ़ाने वाले कर्मचारियों को भी शामिल करने के लिए 1997 में उच्च शिक्षा में पढ़ाने वाले कर्मचारियों की स्थिति के बारे में एक और सिफारिश अपनाई गई थी। विश्व शिक्षक दिवस 1994 से मनाया जा रहा है।
यूनेस्को की ओर से कहा गया है कि यह दिन इस बात का जश्न मनाने का है कि शिक्षक किस तरह शिक्षा में बदलाव ला रहे हैं, साथ ही यह सोचने का भी है कि उन्हें अपनी प्रतिभा और पेशे को पूरी तरह से निभाने के लिए किस तरह के सहयोग की ज़रूरत है, और दुनिया भर में इस पेशे के भविष्य के बारे में नए सिरे से सोचने का भी है।
यूनेस्को ने लिखा, "विश्व शिक्षक दिवस का आयोजन इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (आईएलओ), यूनिसेफ और एजुकेशन इंटरनेशनल के साथ मिलकर किया जाता है। साल 2026 में, यह दिन शिक्षकों की स्थिति से जुड़ी 1966 की आईएलयू/यूनेस्को सिफारिश की 60वीं सालगिरह का प्रतीक है। छह दशक बाद, जब इस सिफारिश में बदलाव किया जा रहा है, तो इस पेशे के सामने डिजिटल टेक्नोलॉजी और जलवायु परिवर्तन से लेकर समावेश, पलायन और विस्थापन जैसी नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।"
यूनेस्को ने कहा, "ये दबाव शिक्षकों की स्थिति के कई पहलुओं पर असर डालते हैं, जैसे उनका प्रतीकात्मक दर्जा, जब शिक्षण को पर्याप्त पहचान या महत्व नहीं मिलता; उनका पेशेवर दर्जा, जो सीमित आजादी, सहयोग या नीति-निर्माण में उनकी आवाज की कमी से तय होता है; और उनकी आर्थिक स्थिति, जो वेतन, काम के बोझ और काम के माहौल की वजह से प्रभावित होती है, जिससे शिक्षक अपनी भूमिका पूरी तरह से नहीं निभा पाते।"
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर सभी गुरुजनों को सादर नमन। आप सभी का समर्पण और मार्गदर्शन हमारे जीवन को आकार देता है और समाज को बेहतर बनाता है। शिक्षक ही वे दीपक हैं, जो अज्ञान के अंधकार को मिटाकर हमें ज्ञान की रोशनी से आलोकित करते हैं।
पंजाब सरकार की ओर से आधिकारिक एक्स हैंडल से लिखा गया, "छात्रों के जीवन और समाज के भविष्य को संवारने में शिक्षकों की अहम भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 5 अक्टूबर को 'विश्व शिक्षक दिवस' मनाया जाता है।"
--आईएएनएस
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