लखनऊ में बर्खास्त एंबुलेंस चालकों का फूटा गुस्सा, BJP कार्यालय घेरने निकले प्रदर्शनकारी
लखनऊ में नौकरी से हटाए गए एंबुलेंस चालकों का गुस्सा बुधवार को सड़कों पर नजर आया। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे चालकों ने बीजेपी कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की और स्वास्थ्य विभाग की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली।
प्रदर्शन के दौरान एक अर्थी पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की तस्वीर लगाई गई थी, जिस पर ‘इस्तीफा दो’ लिखा हुआ था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें वर्ष 2021 में एंबुलेंस सेवा से हटा दिया गया था। इसके बाद से वे लगातार रोजगार और दोबारा सेवा में लिए जाने की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नौकरी जाने के बाद से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा है। कई बार अपनी मांगों को अधिकारियों तक पहुंचाने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
लखनऊ में नौकरी से हटाए गए एंबुलेंस ड्राइवरों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की और स्वास्थ्य विभाग की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली। अर्थी पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की तस्वीर लगाकर लिखा गया “इस्तीफा दो।” प्रदर्शनकारियों का… pic.twitter.com/Ti1RY4OqMC
— Sumit Kumar (@skphotography68) September 2, 2026
बीजेपी कार्यालय की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इस दौरान कई एंबुलेंस चालकों को हिरासत में लिया गया और उन्हें ईको गार्डन भेज दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान चालकों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना है कि जब तक उनकी नौकरी और भविष्य को लेकर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों के आरोपों पर सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।