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आंध्र प्रदेश की पुलिस बिना वारंट के आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार करने आई पटना, अदालत ने जताई नाराजगी

 

पटना, 23 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को आंध्र प्रदेश पुलिस चर्चा का विषय बनी रही। आंध्र प्रदेश की पुलिस एक मामले में सीधे भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी एम सुनील नायक को गिरफ्तार करने पटना पहुंच गई। इस बीच, पटना सिविल कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की ट्रांजिट रिमांड याचिका खारिज कर दी।

अदालत ने पाया कि आंध्र पुलिस तय प्रक्रिया का पालन नहीं कर पाई। इसके बाद रिमांड देने से इनकार कर दिया गया। इधर, पटना पुलिस का कहना है कि यह मामला अदालत का है, लेकिन इसमें नियम का पालन नहीं किया गया।

पटना मध्य के पुलिस अधीक्षक सेंट्रल भानु प्रताप ने कहा कि आंध्र प्रदेश पुलिस बिना वारंट गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी। पुलिस पहुंचने के बाद यहां की पुलिस से मदद मांगी थी। जब मामला कोर्ट में आया तो अदालत ने ट्रांजिट रिमांड को रिफ्यूज कर दिया।

बताया गया कि आंध्र प्रदेश की पुलिस जब बिहार होमगार्ड और अग्नि शमन विभाग के महानिरीक्षक नायक को गिरफ्तार करने आई तो उन्होंने भी अदालत का सहारा लिया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि आंध्र प्रदेश पुलिस के पास न तो वैध गिरफ्तारी वारंट था और न ही अपडेटेड केस डायरी। इस पर अदालत ने नाराजगी जताई।

आईजी नायक के अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि आंध्र पुलिस ने नियमों की अनदेखी की। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई को चुनौती दी जाएगी। वकील का दावा है कि वे जल्द इसके लिए अदालत का सहारा लेंगे। अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि अगले 30 दिनों तक आंध्र प्रदेश पुलिस कानून सम्मत कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी।

अदालत ने साफ तौर पर कई फैसलों के उल्लेख करते हुए कहा कि वह कानूनी ढंग से ट्रांजिट रिमांड नहीं दे सकते। आंध्र प्रदेश पुलिस के खिलाफ हम लोग अदालत जाएंगे। उन्होंने बताया कि गुंटूर जिले का एक मामला है जिसमें आंध्र पुलिस यहां गिरफ्तार करने आई थी।

--आईएएनएस

एमएनपी/एएसएच