आंध्र में चक्रवात का कहर, गुरुवार को कोनासीमा और गोदावरी का दौरा करेंगे सीएम नायडू, राहत पैकेज का ऐलान
अमरावती, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू गुरुवार को चक्रवात 'अर्नब' से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। वह दोपहर में कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी जिलों में जाकर नुकसान का जायजा लेंगे।
मुख्यमंत्री ने बुधवार शाम सचिवालय स्थित 'रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी' (आरटीजीएस) केंद्र में मीडिया से बात करते हुए चक्रवात से हुए नुकसान और सरकार द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बुधवार को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर चक्रवात से हुए नुकसान के लिए सहायता मांगी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी चक्रवात की तीव्रता और प्रदेश पर पड़े असर के बारे में अवगत कराया गया है। नुकसान का प्रारंभिक आकलन जल्द ही केंद्र को सौंपा जाएगा, जिसके बाद विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक नारियल के बागानों और अन्य बागवानी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
सीएम नायडू ने चक्रवात में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने बताया कि विशाखापत्तनम में बिजली का खंभा और पेड़ गिरने से दो लोगों की मौत हुई, जबकि अनाकापल्ली और भीमवरम में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई।
राहत उपायों का ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों के घरों में पानी भर गया है, उन्हें 25 किलो चावल दिया जाएगा। बुनकरों और मछुआरों को 50 किलो चावल के साथ एक-एक किलो प्याज, खाना पकाने का तेल और अरहर की दाल दी जाएगी। प्रति व्यक्ति 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता और मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को अलग से सहायता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिलों में आर्थिक सहायता बांटने की शुरुआत गुरुवार से होगी। फसलों के नुकसान का मुआवजा आकलन पूरा होने के बाद दिया जाएगा। राहत पैकेज पर अंतिम फैसला गुरुवार को होने वाली कैबिनेट की वर्चुअल बैठक में लिया जाएगा। प्रभावित क्षेत्रों में पीने के पानी और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक ने आपदा प्रबंधन का तरीका बदल दिया है। पहले पूरे तटीय क्षेत्र में अलर्ट रहना पड़ता था, लेकिन अब सटीक पता लगाया जा सकता है कि चक्रवात कहां टकराएगा। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली को 'पूर्वानुमान, सटीकता और जमीनी तैयारी' बताया। नहरों में रुकावटें कम होने से कई जगह जलभराव की समस्या भी कम हुई है।
उन्होंने पिछले तीन दिनों से लगातार काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को धन्यवाद दिया और कहा कि सरकार का उद्देश्य समय पर सेवाएं पहुंचाना और लोगों में भरोसा जगाना है। उन्होंने यह भी बताया कि चक्रवात 'अर्नब' के बाद हुई बारिश से राज्य में औसत बारिश की कमी 39 प्रतिशत से घटकर 27 प्रतिशत रह गई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने राजनीतिक कारणों से आरटीजीएस सेंटर की अनदेखी की थी।
--आईएएनएस
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