अमरावती में एयर इंडिया फ्लाइंग अकादमी को डीजीसीए की मंजूरी, पायलट प्रशिक्षण को मिलेगा नया बल
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। एयर इंडिया को महाराष्ट्र के अमरावती स्थित बेलोरा एयरपोर्ट में स्थापित की गई अपनी फ्लाइंग अकादमी के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से मंजूरी मिल गई है। इसे भारत में पायलट प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने और देश के विमानन क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एयर इंडिया फ्लाइंग अकादमी देश में किसी भारतीय एयरलाइन द्वारा स्थापित की गई अपनी तरह की पहली अकादमी होगी। यहां पायलट प्रशिक्षण के लिए 31 सिंगल-इंजन और तीन ट्विन-इंजन विमानों का बेड़ा संचालित किया जाएगा।
करीब 10 एकड़ क्षेत्र में फैली इस आधुनिक अकादमी में डिजिटल तकनीक से लैस कक्षाएं, छात्रों के लिए आवास, डिजिटल ऑपरेशन सेंटर और समर्पित मेंटेनेंस सुविधा उपलब्ध होगी। इसके माध्यम से प्रशिक्षु पायलटों को वैश्विक स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। साथ ही सुरक्षा और परिचालन उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों का पालन किया जाएगा।
एयर इंडिया ने कहा कि यह फ्लाइंग अकादमी भारत में विमानन क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन और बुनियादी ढांचा तैयार करने की उसकी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। यह अकादमी गुरुग्राम में स्थापित एयर इंडिया की 6 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैली प्रशिक्षण अकादमी का पूरक बनेगी। यह संस्थान दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा विमानन प्रशिक्षण केंद्र माना जाता है।
कंपनी का मानना है कि इन निवेशों से भारत में तेजी से बढ़ रही पायलटों की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी और देश को विमानन क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को भी बल मिलेगा। एयर इंडिया के अनुसार, अमरावती की नई फ्लाइंग अकादमी भविष्य के पायलटों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करेगी और भारत के तेजी से विस्तार कर रहे विमानन क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एयर इंडिया की तरफ से कहा गया कि हमें अमरावती के बेलौरा एयरपोर्ट पर एयर इंडिया फ्लाइंग अकादमी के लिए डीजीसीए से मंजूरी मिलने पर गर्व है। यह देश में किसी भारतीय एयरलाइन द्वारा स्थापित पहली फ्लाइंग अकादमी है। विश्वस्तरीय ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और 34 ट्रेनिंग विमानों के बेड़े के साथ यह अकादमी भारत की पायलट ट्रेनिंग क्षमता को मजबूत करने और देश के तेजी से बढ़ते एविएशन सेक्टर को सहयोग देने में मदद करेगी।
--आईएएनएस
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