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अमित शाह ने एमपी को 2029 तक नशामुक्त करने का दिया लक्ष्य, उज्जैन में ₹255 करोड़ के डेयरी प्लांट का भूमिपूजन

 

मध्य प्रदेश में आज का दिन कई बड़े ऐलानों और योजनाओं के लिहाज से अहम रहा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश को लेकर नशामुक्ति का लक्ष्य सामने रखा। रिपोर्टों के मुताबिक शाह ने कहा कि 2029-30 तक मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।इसके साथ ही डेयरी और पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल भूमिपूजन भी किया गया।

3 लाख लीटर दूध रोजाना प्रोसेस करने की क्षमता

PIB के मुताबिक उज्जैन में बनने वाले इस मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट की शुरुआती क्षमता प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध प्रोसेस करने की होगी। इस परियोजना पर करीब 255 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार के मुताबिक यह प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश में दूध प्रसंस्करण क्षमता और डेयरी सेक्टर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

रिपोर्टों के अनुसार भविष्य में प्लांट की क्षमता को बढ़ाकर 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक किए जाने की योजना भी बताई गई है।

गोपालकों के लिए भी कई घोषणाएं

भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित सम्मेलन में बड़ी संख्या में गोपालक और डेयरी सहकारी समितियों से जुड़े लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में भोपाल और इंदौर मिल्क यूनियन के सदस्यों को बोनस दिया गया। इसके अलावा गौशालाओं के लिए वित्तीय सहायता और डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों को लाभ देने की योजनाएं भी कार्यक्रम का हिस्सा रहीं।

PIB के अनुसार डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों को कुल 15.10 करोड़ रुपये का डिविडेंड वितरित किया जाना है। साथ ही 'गोपालक दीदियों' को सम्मानित किया गया और डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र भी दिए गए।

भोपाल में भी डेयरी प्रोजेक्ट

अमित शाह के कार्यक्रम में सिर्फ उज्जैन का 255 करोड़ रुपये वाला प्लांट ही नहीं, बल्कि भोपाल में 16.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का उद्घाटन भी शामिल रहा। इसके अलावा शिवपुरी के मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का भी डिजिटल उद्घाटन किया गया।

यानी एक तरफ सरकार ने नशामुक्त मध्य प्रदेश का 2029-30 तक का लक्ष्य सामने रखा है, तो दूसरी तरफ डेयरी सेक्टर में निवेश और दूध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। आने वाले समय में उज्जैन का 255 करोड़ रुपये वाला प्लांट शुरू होने के बाद क्षेत्र में दूध प्रोसेसिंग से जुड़ी क्षमता को बढ़ाने में भूमिका निभा सकता है।