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अमित शाह 30 अप्रैल को दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे लद्दाख, भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को करेंगे नमन

 

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 30 अप्रैल से दो दिन के दौरे पर लद्दाख जाने वाले हैं। इस दौरे के दौरान वे 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं और इसे धार्मिक व सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लद्दाख, जिसे 'उच्च दर्रों की भूमि' और 'छोटा तिब्बत' भी कहा जाता है, अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध बौद्ध संस्कृति के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यहां की खूबसूरत झीलें, जैसे पैंगोंग त्सो और त्सो मोरीरी, अपने नीले पानी और बदलते रंगों के कारण पर्यटकों को खासा आकर्षित करती हैं। खास बात यह है कि पैंगोंग झील का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा भारत में और बाकी हिस्सा चीन में स्थित है।

इसके अलावा लद्दाख अपने प्राचीन बौद्ध मठों के लिए भी जाना जाता है। हेमिस, थिकसे और डिस्कित जैसे मठ तिब्बती वास्तुकला, धार्मिक कलाकृतियों और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध हैं। ऐसे आध्यात्मिक माहौल में गृहमंत्री का यह दौरा और भी खास हो जाता है।

बता दें कि बुद्ध पूर्णिमा, जिसे वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है, बौद्ध धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। यह दिन भगवान गौतम बुद्ध के जीवन की तीन प्रमुख घटनाओं (जन्म, ज्ञान प्राप्ति (बोधि) और महापरिनिर्वाण) की याद में मनाया जाता है।

इतिहास के अनुसार, भगवान बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व में नेपाल के लुंबिनी में वैशाख पूर्णिमा के दिन हुआ था। इसके बाद वर्षों की कठोर तपस्या के बाद उन्हें बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे इसी दिन ज्ञान प्राप्त हुआ और वे सिद्धार्थ से बुद्ध बने। 80 वर्ष की आयु में उन्होंने कुशीनगर में इसी दिन महापरिनिर्वाण प्राप्त किया।

यह पर्व शांति, अहिंसा और करुणा का प्रतीक माना जाता है। हर साल वैशाख महीने की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार अलग-अलग तारीखों पर पड़ता है। वर्ष 2026 में बुद्ध पूर्णिमा 1 मई को मनाई जाएगी।

--आईएएनएस

वीकेयू/एएस