अमेरिकी मीडिया का दावा, ईरान में कई हफ्तों तक जमीनी सैन्य अभियानों की तैयारी कर रहा पेंटागन
न्यूयॉर्क, 29 मार्च (आईएएनएस)। पेंटागन ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले जमीनी सैन्य अभियानों की तैयारी कर रहा है, क्योंकि हजारों अमेरिकी सैनिक और मरीन मध्य पूर्व में पहुंच रहे हैं। द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक यदि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संघर्ष को और बढ़ाने का फैसला लेते हैं, तो यह युद्ध के एक खतरनाक चरण में बदल सकता है।
अधिकारियों के हवाले से अखबार ने कहा कि कोई भी संभावित जमीनी अभियान पूर्ण पैमाने पर आक्रमण से कम होगा और इसमें विशेष अभियान बलों (स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेज) और पारंपरिक पैदल सेना के मिश्रण द्वारा छापेमारी शामिल हो सकती है। अधिकारियों ने यह जानकारी गुमनाम रहने की शर्त पर दी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे मिशन में अमेरिकी सैनिकों को कई तरह के खतरों का सामना करना पड़ सकता है, जिनमें ईरानी ड्रोन और मिसाइल, जमीनी गोलीबारी और अस्थायी विस्फोटक (आईईडी) शामिल हैं। साथ ही, हाल के दिनों में ट्रंप प्रशासन कभी यह कह रहा है कि युद्ध खत्म होने की ओर है तो कभी इसे और तेज करने की चेतावनी दे रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जोर देकर कहा कि अमेरिका “बिना जमीनी सैनिकों के भी अपने सभी उद्देश्यों को हासिल कर सकता है,” लेकिन द वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार योजना काफी आगे बढ़ चुकी है। एक अधिकारी ने कहा, “यह आखिरी समय की तैयारी नहीं है।”
इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने घोषणा की कि 3,500 मरीन और नाविकों का एक टास्क फोर्स मध्य पूर्व पहुंच गया है। सेंटकॉम ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संक्षिप्त पोस्ट में कहा, “यूएसएस ट्रिपोली (एलएचए 7) पर सवार अमेरिकी नाविक और मरीन 27 मार्च को अमेरिकी सेंट्रल कमांड के जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में पहुंच गए।”
सेंटकॉम के अनुसार, यह अमेरिका-श्रेणी का उभयचर हमलावर जहाज ट्रिपोली एम्फीबियस रेडी ग्रुप/31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का प्रमुख जहाज है, जिसमें करीब 3,500 नाविक और मरीन शामिल हैं। साथ ही, परिवहन और लड़ाकू विमान, सामरिक संसाधन भी मौजूद हैं।
ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल वाईनेटन्यूजडॉटकॉम के अनुसार, यह तैनाती ईरान के साथ जारी युद्ध से जुड़ी व्यापक अमेरिकी सैन्य बढ़ोतरी का हिस्सा है। ऐसे उभयचर बल समुद्र से हमले और जमीनी अभियानों दोनों को अंजाम देने में सक्षम होते हैं।
आमतौर पर इनका उपयोग तेज तैनाती के लिए किया जाता है, जैसे रणनीतिक स्थानों को सुरक्षित करना, निकासी अभियान चलाना या तटीय लक्ष्यों पर संभावित हमले करना।
— आईएएनएस
पीएम