अमेरिकी राजदूत गोर और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई
नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा, वाणिज्य में चल रहे सहयोग और अपने देशों के बीच ज्यादा मजबूत सुरक्षा संबंध बनाने को लेकर चर्चा हुई। इससे पहले गोर ने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव से बिश्केक में मुलाकात की थी।
अमेरिकी राजदूत गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ बहुत अच्छी मीटिंग हुई। हमने ऊर्जा, वाणिज्य में चल रहे सहयोग और अपने देशों के बीच ज्यादा मजबूत सुरक्षा संबंध बनाने पर बात की। अमेरिका और उज्बेकिस्तान के बीच जल्द ही बड़े ऐलान होने का इंतजार है।"
उज्बेकिस्तान की मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, बैठक की शुरुआत में, गोर ने मिर्जियोयेव और उज्बेकिस्तान के लोगों को देश की स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ पर बधाई दी। उन्होंने मिर्जियोयेव को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अभिवादन और शुभकामनाएं भी दीं।
दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में रफ्तार का सकारात्मक मूल्यांकन किया, जिसमें राजनीतिक संवाद, अंतर-संसदीय और अंतर-क्षेत्रीय संपर्कों का विकास और व्यापार, आर्थिक और निवेश सहयोग का निरंतर विस्तार शामिल है।
संयुक्त परियोजनाओं और पहलों के व्यावहारिक कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया। ऊर्जा, परिवहन, महत्वपूर्ण खनिज, डिजिटल प्रौद्योगिकी, एआई और कृषि को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया।
वहीं, दूसरी तरफ अमेरिका ने किर्गिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को ज्यादा मजबूत करने की इच्छा जताई है। अमेरिका के नई दिल्ली में राजदूत और दक्षिण और मध्य एशिया में राष्ट्रपति ट्रंप के प्रतिनिधि सर्जियो गोर ने कहा, "बिश्केक में किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति जापारोव से मुलाकात की। हमारे पास दोनों देशों के लिए मिलकर काम करने के कई बेहतरीन अवसर हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका अगले महीने राष्ट्रपति जापारोव के स्वागत के लिए उत्सुक है। इस दौरान दोनों देश अपनी बढ़ती साझेदारी को और आगे ले जाने की दिशा में बातचीत करेंगे।
दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय सहयोग, निवेश, डिजिटल तकनीक और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर चर्चा हुई। जापारोव आने वाले समय में अमेरिका की यात्रा पर भी जाने वाले हैं। इस मुलाकात को मध्य एशिया में अमेरिका की बढ़ती सक्रियता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिका और किर्गिस्तान के बीच व्यापार, निवेश, सुरक्षा, ऊर्जा और क्षेत्रीय संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
अमेरिका शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का सदस्य नहीं है। गोर के दौरे को आधिकारिक रूप से किर्गिस्तान की स्वतंत्रता दिवस की 35वीं वर्षगांठ और विश्व नोमैड गेम्स के उद्घाटन से जोड़ा गया है।
--आईएएनएस
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