अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका साझेदारी को आगे बढ़ाने की जताई प्रतिबद्धता
नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने नई दिल्ली में सोमवार को अपनी जिम्मेदारी संभाली। अमेरिकी राजदूत के स्वागत के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बतौर अमेरिकी राजदूत नई दिल्ली अमेरिकी दूतावास में अपने पहले दिन को लेकर गोर ने अपना अनुभव साझा किया और स्वागत के लिए धन्यवाद किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने लिखा, "नमस्ते! आज नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास में मेरा पहला दिन है। मैं इस डेडिकेटेड टीम में शामिल होकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्राथमिकता को आगे बढ़ाने और अमेरिका-भारत साझेदारी को गहरा करने के लिए काम करने के लिए उत्सुक हूं। मैं राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में दोनों देशों के आने वाले दिनों को लेकर बहुत आशावादी हूं।"
बता दें, स्वागत कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी राजदूत ने मौजूद लोगों को संबोधित भी किया। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि 13 जनवरी को दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड वार्ता को लेकर फिर से बातचीत शुरू होगी।
सर्जियो गोर ने कहा, "आप में से कई लोगों ने मुझसे चल रही ट्रेड डील की बातचीत पर अपडेट मांगा है। दोनों पक्ष लगातार सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं। असल में, ट्रेड पर अगली बातचीत मंगलवार को होगी। भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है, इसलिए इसे अंतिम लाइन तक पहुंचाना आसान काम नहीं है, लेकिन हम वहां पहुंचने के लिए पक्के इरादे वाले हैं। हालांकि, ट्रेड हमारे रिश्ते के लिए बहुत जरूरी है। हम सिक्योरिटी, काउंटर-टेररिज्म, एनर्जी, तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे दूसरे बहुत जरूरी क्षेत्रों में भी मिलकर काम करते रहेंगे।"
अमेरिकी राजदूत ने भारत को यूएस का सबसे जरूरी साझेदार बताया। उन्होंने कहा, "भारत से ज्यादा जरूरी कोई पार्टनर नहीं है। आने वाले महीनों और सालों में, राजदूत के तौर पर मेरा लक्ष्य एक बहुत बड़ा एजेंडा पूरा करना है। हम यह काम सच्चे रणनीतिक साझेदार के तौर पर करेंगे, जिसमें हर कोई ताकत, सम्मान और नेतृत्व लाएगा।"
उन्होंने पीएम मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती को लेकर कहा, "मैंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ पूरी दुनिया घूमी है, और मैं यह कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी दोस्ती सच्ची है। अमेरिका और भारत सिर्फ अपने फायदों से ही नहीं, बल्कि सबसे ऊंचे स्तर पर बने रिश्तों से भी जुड़े हैं। सच्चे दोस्त अलग-अलग राय रख सकते हैं, लेकिन आखिर में हमेशा अपने मतभेद सुलझा लेते हैं।"
--आईएएनएस
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