अमेरिका: ट्रंप के मुखर आलोचक से पक्के समर्थक बने सीनेटर ग्राहम का निधन
वाशिंगटन, 12 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का शनिवार शाम संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके कार्यालय ने रविवार तड़के (स्थानीय समयानुसार) सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दी। ग्राहम पाकिस्तान की नीति और नीयत को लेकर कभी भी आश्वस्त नहीं रहे। हाल ही में उन्होंने अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थता को लेकर भी काफी सवाल खड़े किए थे।
71 वर्षीय ग्राहम दक्षिण कैरोलिना से रिपब्लिकन पार्टी के एक प्रमुख सीनेटर थे।
अपने राजनीतिक करियर के शुरुआती दौर में वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखर आलोचक रहे थे, लेकिन बाद में कैपिटल हिल (अमेरिकी संसद) में उनके सबसे भरोसेमंद समर्थकों में शामिल हो गए।
उनके कार्यालय ने कहा, "एक संक्षिप्त बीमारी के बाद सीनेटर ग्राहम का शनिवार शाम देहांत हो गया। परिवार इस समय लोगों से प्रार्थनाओं की अपील करता है और इस बेहद कठिन समय में निजता का सम्मान करने का अनुरोध करता है।"
ग्राहम को 2002 में अमेरिकी सीनेट के लिए चुना गया था। इससे पहले वह 1994 में दक्षिण कैरोलिना के तीसरे कांग्रेसनल जिले से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए थे।
रक्षा मामलों में कड़ा रुख रखने वाले नेता के रूप में उनकी पहचान थी। ग्राहम कार्यालय की वेबसाइट के अनुसार, उन्होंने "आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में ऐसे परिणामों के लिए लगातार प्रयास किया, जो अमेरिका के दीर्घकालिक राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा करें।"
हाल के समय में ग्राहम ने सीनेट बजट समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था। इसके अलावा वह सीनेट विनियोग समिति, सीनेट न्यायपालिका समिति और सीनेट पर्यावरण एवं लोक निर्माण समिति के सदस्य भी रहे। लिंडसे ग्राहम अविवाहित थे और दक्षिण कैरोलिना के सेनेका में रहते थे।
ग्राहम, पाकिस्तान की मंशा को लेकर हमेशा सशंकित रहे। ईरान संघर्ष में उसकी मध्यस्थता की उन्होंने कभी भी प्रशंसा नहीं की। उन्होंने उसे "समस्याओं" से भरा और इजरायल के प्रति नकारात्मक रवैए वाला मध्यस्थ करार दिया था।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल न होने को भी वो गलत बताते थे। यूएस-ईरान संघर्ष के दौरान ग्राहम ने ईरानी सैन्य विमानों के पाकिस्तानी हवाई अड्डों पर रखे जाने की खबरों पर भी चिंता जताई थी।
--आईएएनएस
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