अमेरिका-रूस तेल समझौते की यूक्रेन ने की आलोचना, विदेश मंत्री बोले- 'कमजोर रणनीतियां कभी मजबूत नतीजे नहीं देती'
कीव, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने अमेरिका-रूस तेल समझौते की आलोचना करते हुए कहा कि 'कमजोर रणनीतियां कभी मजबूत नतीजे नहीं देती।'
सिबिहा ने राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की उस टिप्पणी का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने रूस पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने के खिलाफ आगाह करते हुए अमेरिका-रूस तेल समझौते को 'मजबूत साझेदारों का कमजोर फैसला' बताया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूस से डीजल खरीदने के समझौते के बाद दोहरे मानदंड (डबल स्टैंडर्ड) के आरोप तेज हो गए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस समझौते को लेकर कड़ी आलोचना की।
सिबिहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "कमजोर रणनीतियां कभी मजबूत नतीजे नहीं देती, जैसे तुष्टिकरण कभी शांति नहीं लाता।"
जेलेंस्की ने कहा कि अगर किसी स्पष्ट और स्थायी तनाव घटाने वाले समझौते के बिना रूस पर लगी पाबंदियां हटाई जाती हैं, तो यह कमजोरी का संकेत होगा।
उन्होंने कहा कि इससे रूस को फायदा होगा। उसे और लोगों की जान लेने, युद्ध को लंबा खींचने, अमेरिका का और कम सम्मान करने तथा दुनिया को और ज्यादा नुकसान पहुंचाने का मौका मिलेगा।
जेलेंस्की ने कहा कि पुतिन को दिए गए तोहफे न तो शांति लाएंगे और न ही सभ्य दुनिया को कोई फायदा पहुंचाएंगे। रूस इस डीजल का जवाब और ज्यादा आतंक तथा धोखे से देगा।
उन्होंने कहा कि रूस को पेट्रोलियम उत्पाद बेचने की अनुमति देना ऐसे युद्ध में निवेश करने जैसा है, जिसे खत्म किया जाना चाहिए, न कि आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने तनाव कम करने के लिए दोनों पक्षों की ओर से समान और वास्तविक कदम उठाने की मांग की।
जेलेंस्की ने कहा कि अगर रूस यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले बंद कर देता है, तो यूक्रेन भी रूसी तेल सुविधाओं पर हमले रोकने के लिए तैयार है। उन्होंने अमेरिका से इस संबंध में दोनों पक्षों के बीच एक पारस्परिक समझौता कराने की अपील की।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा, "हमें उम्मीद है कि अमेरिका हमारे लोगों और हमारे जीवन की रक्षा के लिए निष्पक्ष समर्थन देगा। साथ ही हम चाहते हैं कि अमेरिका रूस से भी उतनी ही मजबूती से बात करें। मजबूत तरीके से, न कि कमजोर तरीके से।"
--आईएएनएस
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