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अमेरिका-ईरान सीजफायर पर प्रतुल शाहदेव बोले- लंबे समय बाद मिली अच्छी खबर

 

रांची/पटना, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका-ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के युद्धविराम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक संकेत बताया।

प्रतुल शाहदेव ने आईएएनएस से कहा कि लंबे समय बाद कोई अच्छी खबर आई है कि दोनों देशों ने दो सप्ताह के लिए सीजफायर का ऐलान किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह अस्थायी युद्धविराम आगे चलकर स्थायी शांति में बदल सकता है और भारत भी यही चाहता है।

प्रतुल शाहदेव ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के महत्व को बताते हुए कहा कि दुनिया का लगभग 20 से 22 प्रतिशत तेल, जिसमें एलपीजी और सीएनजी भी शामिल हैं, इसी रास्ते से आता है। जब यह मार्ग पूरी तरह बंद हो गया था, तब वैश्विक स्तर पर तेल की भारी कमी हो गई थी। हालांकि भारत और कुछ अन्य देशों के जहाजों को सीमित रूप से गुजरने की अनुमति थी, लेकिन कई देशों में हालात इतने बिगड़ गए कि तेल की राशनिंग लागू करनी पड़ी, कुछ जगहों पर दफ्तर बंद कर दिए गए और स्कूलों में छुट्टियां तक घोषित करनी पड़ीं।

जदयू के राज्यसभा सदस्य और कार्यकारी अध्यक्ष संजय संजय कुमार झा ने इस युद्ध को दुखद बताया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष एक महीने से ज्यादा समय से जारी है और अमेरिकी राष्ट्रपति के 'एक्स' पोस्ट भी हमलोग लगातार देखते रहे हैं। उनके मुताबिक, यह युद्ध दुनिया के लिए अच्छा संदेश नहीं है और गैस व एलपीजी को लेकर वैश्विक तनाव बढ़ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि मानव सभ्यता तक के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि यह सुखद बात है कि सीजफायर दो सप्ताह के लिए हुआ है। भारत सरकार हर एक पार्टी के संपर्क में है, चाहे वह ईरान हो, अमेरिका हो या फिर इजरायल। हम लोग यहीं उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द से जल्द शांति बहाल हो जाए। यह दुनिया के लिए बेहद जरूरी है।

जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि अगर यह युद्धविराम लागू रहता है, तो इससे बाजारों में स्थिरता आएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा हालात अगर ऐसे ही बने रहे, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया में जो कुछ हो रहा है, उसका असर केवल वहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। ऐसे में सभी पक्षों को युद्धविराम के साथ-साथ तार्किक समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, ताकि इस युद्ध की भयावहता से दुनिया को बचाया जा सके।

--आईएएनएस

वीकेयू/एएस