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अलोकतांत्रिक तरीके से देश पर परिसीमन थोपना चाहती है सरकार: सुप्रिया श्रीनेत

 

नई दिल्ली, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को केंद्र सरकार को महिला विरोधी कहा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस वर्तमान लोकसभा सीटों की संख्या के हिसाब से महिलाओं को एक तिहाई सीट आरक्षित करने के समर्थन में है, लेकिन सरकार इसके खिलाफ है और अलोकतांत्रिक तरीके से परिसीमन थोपना चाहती है।

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "29 मिनट में 58 बार कांग्रेस का नाम लेने वाले पीएम मोदी का यह डर मुझे अच्छा लगा। वे जब-जब विभाजन करेंगे, कांग्रेस उन्हें रोकेगी। पीएम मोदी महिला आरक्षण पर रोड़ा क्यों बन रहे हैं और आरक्षण को क्यों रोक रहे हैं? लोकसभा की 543 सीटों में तुरंत 181 सीटों को महिलाओं के लिए रिजर्व करें। कांग्रेस पूरा समर्थन करने के लिए तैयार है। वे महिला आरक्षण पर बात को गोल-गोल क्यों घुमा रहे हैं?"

उन्होंने कहा, "सरकार खुद महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती, ऐसा इसलिए क्योंकि वह पुरुषों की सीट कम करके महिलाओं को नहीं देना चाहते। अगर ऐसा करना चाहते तो उन्होंने ऐसा कर दिया होता। 2014 और 2019 में प्रचंड बहुमत था, 2023 में महिला आरक्षण बिल लेकर आए, लेकिन उसमें आपने कंडीशन लगा दी। हमने कहा कि आप कंडीशन मत लगाए। सरकार की मंशा महिला आरक्षण लाने की ही नहीं है। सरकार का मंसूबा था कि अलोकतांत्रिक तरीके से किसी तरह से इस देश पर परिसीमन थोपा जाए, जिसे हमने होने नहीं दिया।"

कांग्रेस नेता ने कहा, "पीएम मोदी ने 12 सालों में ऐसा कौन सा रिफॉर्म किया, जिसके हम खिलाफ हैं। जीएसटी जब हम ला रहे थे तो आपने विरोध किया। खाद्य सुरक्षा बिल हम ला रहे थे तो आपने विरोध किया। आधार ला रहे थे तो आपने विरोध किया। हमारी चीजों को अपना नाम दे देने से बात थोड़े ही बनेगी। उन्होंने हमारी चीजों को अपना बताया। जीरो बैलेंस अकाउंट को जनधन बताया, हमारे आधार को अपना बनाया। वे कहते हैं कि हम एसआईआर के खिलाफ हैं, यह सही है। जो देश के लोकतंत्र को ठेस पहुंचाएगा, हम उसके खिलाफ हैं। हम वोट चोरी नहीं होने देंगे। कांग्रेस ने अपने शासनकाल में 88,000 घुसपैठियों को देश से निकाला था, लेकिन मात्र 5,000 को बाहर निकालकर बैठे हुए हैं।"

उन्होंने कहा, "सरकार जिस महिला आरक्षण की बात कर रही है, उसी नींव कांग्रेस की देन है कि पंचायती राज चुनाव में 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया गया। आज 15 लाख निर्वाचित महिलाएं हैं, जो राजीव गांधी की देन है। जब भी सरकार देश का विभाजन करने की कोशिश करेगी, मुंह की खानी पड़ेगी।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी