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अखिलेश यादव की हताशा की वजह से बयानबाजी कर रहे, साफ होगा सपा का सूपड़ा: दिनेश प्रताप सिंह

 

लखनऊ, 6 नवंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा दिए गए बयानों पर भाजपा प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने तीखा पलटवार किया। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल में भाजपा ने एसआईआर और केंद्रीय सुरक्षा बलों के दम पर चुनाव जीता है। इस पर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि बंगाल चुनाव परिणाम के बाद से अखिलेश यादव हताश और निराश हैं। उन्हें डर है कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की जो राजनीतिक स्थिति हुई है, वही उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की होने वाली है।

दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि भाजपा 2014 में केंद्र की सत्ता में आई और 2017 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को हराकर सरकार बनाई। उस समय प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार थी। सपा सरकार के कुशासन ने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य बना दिया था। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है और उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बना है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी।

अखिलेश यादव द्वारा मतदाता सूची से एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जाने के दावे पर भी भाजपा प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को इस बात का डर सता रहा है कि यदि एक करोड़ से अधिक ऐसे सनातनी मतदाताओं के नाम भी मतदाता सूची में जुड़ गए, जिनके नाम अभी शामिल नहीं हुए हैं, तो उत्तर प्रदेश में सपा की राजनीतिक स्थिति और कमजोर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में सनातनी मतदाताओं ने एकजुट होकर भाजपा के पक्ष में मतदान किया और तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया। अखिलेश यादव को आशंका है कि उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह का परिणाम सामने आ सकता है।

उन्होंने समाजवादी पार्टी पर सनातन विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अखिलेश यादव जब भी बोलते हैं, तो उनके बयानों में सनातन के प्रति विरोध दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि सनातनी समाज के भीतर जो नाराजगी है, वह 2027 के विधानसभा चुनाव के नतीजों में दिखाई देगी। सिंह ने दावा किया कि आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी की बची हुई सीटों पर भी उसे हार का सामना करना पड़ेगा और उसका सूपड़ा साफ हो जाएगा।

अखिलेश यादव के इस बयान पर कि जिस तरह भाजपा उत्तर प्रदेश की सत्ता में आई थी, उसी तरह उसे सत्ता से बाहर भी जाना पड़ेगा, दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि भाजपा 2014 से केंद्र और 2017 से उत्तर प्रदेश में सत्ता में है। यह स्थिति समाजवादी पार्टी की दुआ या बद्दुआ की वजह से नहीं, बल्कि जनता और मतदाताओं के आशीर्वाद से बनी है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार को उसके कामकाज के आधार पर दोबारा जनादेश मिला है। भाजपा आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में भी अपने विकास कार्यों और उपलब्धियों के आधार पर जनता के बीच जाएगी।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी ने विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर चलने का काम किया है। इसी आधार पर भाजपा एक बार फिर जनता से समर्थन मांगेगी। उन्होंने दावा किया कि 2027 में भाजपा 2017 से भी बड़ी सफलता हासिल करेगी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार प्रचंड बहुमत की सरकार बनाएगी।

दिनेश प्रताप सिंह ने आगे कहा कि अखिलेश यादव की बयानबाजी उनकी राजनीतिक चिंता और निराशा को दर्शाती है। प्रदेश की जनता 2027 में भाजपा के कामकाज के आधार पर फिर से अपना फैसला सुनाएगी।

--आईएएनएस

पीएसके