अखिलेश के ‘गढ़’ आजमगढ़ में गैर-यादव पिछड़ों की ताकत दिखाने की तैयारी, राजभर ने महारैली को लेकर दी चुनौती
लखनऊ, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के नेता और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आजमगढ़ में 29 नवंबर को होने वाली सामाजिक समरसता महारैली को लेकर चुनौती दी है। उन्होंने दावा किया कि महारैली के जरिए पूर्वांचल में गैर-यादव पिछड़े और बहुजन समाज की एकजुटता प्रदर्शित की जाएगी।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के नेता और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा कि उनके 'काल्पनिक गढ़' एक के बाद एक ढह रहे हैं। कन्नौज के बाद अब आजमगढ़ में भी उनकी विदाई का बाजा बजने वाला है। उन्होंने कहा कि पीडीए के नाम पर किए जा रहे दावों की वास्तविकता 29 नवंबर को आजमगढ़ में दिखाई देगी।
उन्होंने कहा कि आजमगढ़ के आईटीआई मैदान में सुभासपा की विशाल सामाजिक समरसता महारैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि रैली की वीडियो रिकॉर्डिंग कराकर देख लीजिएगा कि कैसे उनका किला ढह रहा है। राजभर ने दावा किया कि इस महारैली के माध्यम से पूर्वांचल के दलितों, पिछड़ों और खासकर गैर-यादव पिछड़ा समाज की एकजुटता का शंखनाद किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव आजमगढ़ को अपना गढ़ बताते हैं, लेकिन इसी क्षेत्र में पहली बार बहुजन समाज अपनी आवाज बुलंद करने जा रहा है। मंत्री ने कहा कि पीडीए के नाम पर राजनीति करने वालों को अब राजभर, निषाद, चौहान, प्रजापति, पटेल, पाल समेत अन्य गैर-यादव पिछड़ी जातियों की ताकत को समझना होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन समुदायों को केवल चुनाव के समय याद करने की राजनीति का दौर अब खत्म हो रहा है। राजभर ने अपने संदेश का समापन 'जय भारत, जय श्रीराम, जय परशुराम, जय श्रीकृष्ण और जय महाराज सुहेलदेव' के उद्घोष के साथ किया।
--आईएएनएस
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