अखिलेश के 'चवन्नी' बयान पर भड़के जयंत चौधरी, सपा को 2027 में भुगतना पड़ेगा खामियाजा: एनडीए
नई दिल्ली, 15 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता जा रहा है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के 'चवन्नी' वाले बयान पर राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने तीखा पलटवार किया है। दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जयंत चौधरी ने कहा कि यदि उन्होंने गठबंधन के पुराने राज खोले तो अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश में खड़ा होने की जगह नहीं मिलेगी। उनके इस बयान के बाद यूपी की सियासत गरमा गई है और एनडीए के नेताओं ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा है।
उत्तर प्रदेश के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि जयंत चौधरी ने सही बात कही है, क्योंकि वे उनके घर में जाते-आते रहते थे और पूरे घर का हाल जानते हैं।
वहीं मंत्री अनिल राजभर ने भी अखिलेश यादव पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में, राजनीति में जयंत चौधरी का परिवार बहुत बड़ा है और पूरा देश उसका सम्मान करता है। जिस तरह से समाजवादी पार्टी के मुखिया ने चौधरी के परिवार को अपमानित करने का काम किया है। वह सही नहीं है। अनिल राजभर ने कहा कि जयंत चौधरी साहब तो बहुत भले इंसान हैं, कोई कठोर बात उन्होंने नहीं कही, लेकिन आप 2027 के चुनाव में देखिएगा, इसका खामियाजा समाजवादी पार्टी को भुगतना पड़ेगा।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने भी जयंत चौधरी के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी एक केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता हैं। उनके पिता केंद्रीय मंत्री रहे और उनके दादा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री भी रहे। जिस पार्टी ने देश को प्रधानमंत्री दिया, उसे 'चवन्नी' शब्द से संबोधित करने पर स्वाभाविक रूप से गुस्सा और आक्रोश तो होगा ही।
कश्यप ने कहा कि शायद जयंत चौधरी के पास कुछ ऐसे पुराने अनुभव हैं जो समाजवादी पार्टी के लिए खतरा बन सकते हैं। अब वह क्या है, इसका जवाब तो वे खुद ही देंगे।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) और जयंत चौधरी पर तंज कसते हुए कहा था कि “हम लोगों ने चवन्नी का रुपया बना दिया, फिर भी हमें छोड़कर चले गए।”
--आईएएनएस
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