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अखिलेश का अयोध्या दौरा राजनीतिक स्टंट, राम में श्रद्धा नहीं तो अयोध्या को जरूरत नहीं: प्रवीण खंडेलवाल

 

नई दिल्ली, 8 नवंबर (आईएएनएस)। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक स्टंट बताया है। उन्होंने भगवान राम और देवी सीता पर कीर्ति आजाद की टिप्पणी को भी आपत्तिजनक बताया और कहा कि बस्तर में देश की पहली 'नक्सल-फ्री दीपावली' प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के तहत नक्सल विरोधी कोशिशों की सफलता को दिखाती है।

समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडे के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, "मुझे लगता है कि इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण बयान और कोई नहीं हो सकता। यह बयान समाजवादी पार्टी की मानसिकता को दर्शाता है। अगर इसके बाद भी अखिलेश यादव अयोध्या जाते हैं, तो मुझे लगता है कि यह एक राजनीतिक स्टंट के अलावा और कुछ नहीं होगा।"

उन्होंने आगे कहा, "जब आपके मन में भगवान राम के प्रति कोई श्रद्धा ही नहीं है और आप यह मानने लगे हैं कि उन लोगों पर गोली चलाना सही था, तो अयोध्या धाम को ऐसे लोगों की कोई जरूरत नहीं है। उनके लिए यही बेहतर होगा कि वे जहां हैं, वहीं रहें।"

खंडेलवाल ने कहा कि भगवान राम में सच्ची आस्था न रखने वालों की अयोध्या में जरूरत नहीं है। उन्होंने कीर्ति आजाद की टिप्पणी को गलत बताया और कहा कि ऐसे बयान समाज की भावनाओं को आहत करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बस्तर में सुरक्षाकर्मियों के साथ दीपावली मनाने पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, "यह देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण बात है। प्रधानमंत्री ने देश से नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया था, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूरी दृढ़ता के साथ पूरा किया है।"

उन्होंने कहा, "आज देश पूरी तरह से नक्सलवाद से मुक्त है। नक्सलवाद-मुक्त देश में पहली दीपावली मनाना, खासकर बस्तर जैसे इलाके में, जो कभी आतंकवाद और नक्सलवाद का गढ़ हुआ करता था, और वहां प्रधानमंत्री का सुरक्षाकर्मियों के साथ त्योहार मनाना, पूरे देश और दुनिया के लिए एक बड़ा संदेश है।"

इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "लोकतंत्र की दुहाई देने से पहले कांग्रेस को आपातकाल के उस काले अध्याय के विषय में जवाब देना चाहिए, जब लोकतंत्र का गला घोंटा गया था। दशकों तक देश पर शासन करने वाली कांग्रेस के कार्यकाल में भारत वैश्विक मंच पर वह पहचान नहीं बना पाया, जिसके हम हकदार हैं। विगत 12 वर्षों में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने हर क्षेत्र में प्रगति की है और वैश्विक क्षितिज पर अपनी एक नई पहचान स्थापित की है।"

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम