'राहुल कांग्रेस” बनकर रह गई अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस: राजीव रंजन
राजीव रंजन का आरोप है कि 'राहुल कांग्रेस' के नेताओं की जुबान दिन-ब-दिन विषैली होती जा रही है, जिसका सीधा असर पार्टी के सिमटते जनाधार पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने देश को आजादी दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी, वही पार्टी आज कुछ राज्यों तक सिमट कर रह गई है। इसके लिए उन्होंने पवन खेड़ा जैसे नेताओं के बयानों को जिम्मेदार ठहराया, जो मर्यादाओं को तार-तार कर रहे हैं। उनके मुताबिक, यही वजह है कि कांग्रेस अपने मौजूदा नेतृत्व के दौर में इतिहास में सिमटने की कगार पर खड़ी नजर आ रही है।
राजीव रंजन ने कहा कि दबंगई और अराजकता के बीच एक बहुत पतली रेखा होती है, लेकिन कांग्रेस बार-बार उस रेखा को पार कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र को मजबूत और लचीला बनाए रखने के लिए एक सशक्त विपक्ष की आवश्यकता होती है, लेकिन सशक्त होने का मतलब संसदीय परंपराओं का अपमान करना नहीं हो सकता।
उन्होंने लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान बने हालातों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस ने जिस तरह का माहौल बनाया, वह बेहद चिंताजनक था।
जेडीयू प्रवक्ता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस की छह दशकों की तत्कालीन सरकारों के कामकाज की परत-दर-परत पोल खोली और साथ ही भारत के पिछले 11 वर्षों के विकास यात्रा का उल्लेख किया। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री के तथ्यों और उपलब्धियों से भरे भाषण के बाद कांग्रेस के पास बगलें झांकने के अलावा कुछ भी नहीं बचा है।
पीएम मोदी ने राज्यसभा में कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि गांधी सरनेम गुजरात से चुनाने का काम किया है। इस पर राजीव रंजन ने कहा कि महात्मा गांधी जैसी विभूतियां सहस्त्राब्दियों में पैदा होती हैं। अगर कोई इसे जबरन हासिल करना चाहे तो गांधी नहीं बन पाएगा। गांधी सर्वकालीन सर्वश्रेष्ठ हैं। भारत ही नहीं पूरी दुनिया में महात्मा गांधी को पूजने वाले लोग हैं। इसके उलट नेहरू परिवार के लोगों ने गांधी का सरनेम जोड़ा है। गांधी के चरित्र को अपने भीतर ला पाना इनके बस की बात नहीं था। शायद इसीलिए पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।
--आईएएनएस
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