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ऐतिहासिक गोल्ड पर मैक्लरॉय ने की प्रणवी के जज्बे की तारीफ

 

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। आयरिश गोल्फ स्टार रोरी मैकइलरॉय ने युवा भारतीय गोल्फर प्रणवी उर्स की तारीफ की। उन्होंने एशियन गेम्स में ट्रिपल बोगी से उबरकर ऐतिहासिक गोल्ड जीतने में प्रणवी द्वारा दिखाए गए जज्बे और मजबूत इरादे की सराहना की।

प्रणवी गोल्फ में एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने तीन-शॉट की बढ़त गंवाने के बावजूद अपना संयम बनाए रखा और महिलाओं का व्यक्तिगत खिताब अपने नाम किया।

प्रणवी उर्स ने नई दिल्ली में डीपी वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप से पहले मैकइलरॉय से मुलाकात की। 37 वर्षीय आयरिश सुपरस्टार ने युवा खिलाड़ी से मिलने के बाद कहा, "एशियन गेम्स जीतना एक शानदार उपलब्धि है। शुरुआती ट्रिपल (बोगी) के बाद भी उन्होंने जो जज्बा और मजबूत इरादा दिखाया, वह काबिल-ए-तारीफ है। उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगा। वह एक बेहतरीन युवा महिला हैं। उन्होंने कहा कि वह नर्वस थीं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं लगा।"

अगले हफ्ते डीएलएफ में होने वाले विमेंस इंडियन ओपन की प्रैक्टिस पर लौटने से पहले प्रणवी ने मैकइलरॉय के साथ कुछ होल्स तक वॉक किया।

उन्होंने कहा, "उनके साथ कुछ समय बिताना बहुत अच्छा रहा। जाहिर है, यह एक शानदार उपलब्धि है। उन्होंने मुझे बताया कि अगले हफ्ते डीएलएफ में विमेंस इंडियन ओपन है, इसलिए उन्होंने कुछ होल्स तक वॉक किया और कहा कि उन्हें प्रैक्टिस और तैयारी के लिए जाना है। मुझे लगता है कि उनकी पार्टनर भी इस हफ्ते इस टूर्नामेंट में खेल रही हैं, यह एक शानदार उपलब्धि है और मुझे खुशी है कि मुझे उनसे मिलने का मौका मिला।"

एशियन गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने के बाद, प्रणवी ने फाइनल राउंड के तीसरे होल पर लगी 'ट्रिपल बोगी' को याद किया, जिसकी वजह से उनकी शुरुआती बढ़त खत्म हो गई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें रोरी से प्रेरणा मिली, जिन्होंने 2025 में मास्टर्स जीतने के सफर में शुरुआती मुश्किलों से उबरकर जीत हासिल की थी।

'ओलंपिकडॉटकॉम' के अनुसार, उन्होंने कहा, "मुझे याद आया कि रोरी ने पहली बार मास्टर्स जीतते समय क्या किया था। उन्होंने शुरुआत एक ट्रिपल बोगी से की थी – मुझे लगता है कि डबल या ट्रिपल बोगी थी। और मैंने सोचा कि अगर वह मास्टर्स जीत सकते हैं, तो मैं भी एशियन गेम्स जीत सकती हूं। मुझे लगता है कि इसी सोच ने मुझे वापस सही रास्ते पर ला दिया।"

प्रणवी की जीत ने एशियन गेम्स में गोल्फ में गोल्ड मेडल के लिए भारत के 24 साल के इंतजार को खत्म कर दिया; इससे पहले देश के नाम बुसान 2002 में शिव कपूर का मेन्स इंडिविजुअल टाइटल था।

इससे पहले, गेम्स में महिलाओं के इंडिविजुअल इवेंट में अदिति अशोक का हांगझोऊ 2023 का सिल्वर मेडल ही भारत का एकमात्र गोल्फ मेडल था। प्रणवी हांगझोऊ में चौथे स्थान पर रही थीं। यह एशियन गेम्स में गोल्फ में भारत का चौथा गोल्ड मेडल भी था। पहला टाइटल नई दिल्ली 1982 में लक्ष्मण सिंह ने जीता था, जिन्होंने ऋषि नारायण, अमित लूथरा और राजीव मोहता के साथ मिलकर मेन्स टीम का खिताब भी जीता था।

--आईएएनएस

आरएसजी