Air Pollution: लाहौर में AQI 410 पहुंचा, दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बना; दिल्ली भी दूसरे नंबर पर
पाकिस्तान के लाहौर में वायु प्रदूषण का स्तर बेहद गंभीर हो गया है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 410 तक पहुंचने के बाद इसे खतरनाक श्रेणी में रखा गया है। बढ़ते प्रदूषण और जहरीले स्मॉग ने लोगों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वहीं, भारत की राजधानी दिल्ली भी दुनिया के सबसे प्रदूषित प्रमुख शहरों की सूची में दूसरे स्थान पर रही, जहां AQI 244 दर्ज किया गया।
लाहौर में PM2.5 का बढ़ता स्तर चिंता का कारण
वायु गुणवत्ता निगरानी प्लेटफॉर्म IQAir के आंकड़ों के मुताबिक, लाहौर में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब स्थिति में पहुंच गया। शहर में PM2.5 कणों की मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वार्षिक दिशा-निर्देशों की तुलना में काफी अधिक बताई गई है।
IQAir के वर्गीकरण के अनुसार, AQI का 300 से ऊपर पहुंचना खतरनाक श्रेणी में आता है। इस स्तर पर प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की आशंका रहती है।
PM2.5 कण फेफड़ों के लिए खतरनाक
PM2.5 बेहद छोटे प्रदूषक कण होते हैं, जिनका व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है। आकार में बहुत छोटे होने के कारण ये सांस के साथ फेफड़ों के भीतर तक पहुंच सकते हैं। कुछ कण रक्त प्रवाह तक भी पहुंच सकते हैं।
लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से सांस संबंधी बीमारियों और हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को प्रदूषण के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
स्मॉग से बचने के लिए IQAir की सलाह
प्रदूषण के गंभीर स्तर को देखते हुए IQAir ने लोगों को कुछ सावधानियां अपनाने की सलाह दी है।
- बाहर व्यायाम और अन्य शारीरिक गतिविधियों को सीमित रखें।
- प्रदूषित हवा को घर के अंदर आने से रोकने के लिए खिड़कियां बंद रखें।
- बाहर निकलते समय उपयुक्त मास्क पहनें।
- संभव हो तो घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
- सांस लेने में परेशानी या अन्य गंभीर लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हर साल अक्टूबर से फरवरी के बीच स्मॉग की समस्या सामने आती है। प्रांतीय सरकार के मुताबिक, इस अवधि में लाहौर और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण जनस्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।
दिल्ली का AQI 244, मुंबई और कोलकाता में भी प्रदूषण
रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का AQI 244 रहा। वहीं, सेनेगल की राजधानी डकार में 184, मुंबई में 179 और कोलकाता में 172 दर्ज किया गया। इन शहरों में भी वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
हालांकि, AQI के आंकड़े समय, स्थान और निगरानी स्टेशन के अनुसार बदल सकते हैं। अलग-अलग देशों के वायु गुणवत्ता सूचकांकों की श्रेणियां भी समान नहीं होतीं, इसलिए शहरों के बीच तुलना करते समय संबंधित प्लेटफॉर्म के मानकों को ध्यान में रखना जरूरी है।
लाहौर में प्रदूषण का खतरनाक स्तर और दिल्ली समेत अन्य शहरों की खराब वायु गुणवत्ता एक बार फिर साफ हवा की जरूरत को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए उत्सर्जन घटाने, वाहनों और उद्योगों से निकलने वाले धुएं को नियंत्रित करने तथा प्रभावी निगरानी व्यवस्था मजबूत करने जैसे कदम जरूरी हैं।